हरियाणा में 1397 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान रोपाई का लक्ष्य
चंडीगढ़। प्रदेश में माैसम अनुकूल होते ही धान रोपाई की शुरुआत होने लगी है। खरीफ-2025 में 1397 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई का लक्ष्य है। बारिश के बाद माैसम रोपाई के लिए तैयार हो गया है। वहीं, 2083 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में ज्वार, मक्का, बाजरा और दालों की बिजाई का लक्ष्य तय किया गया है।
ज्वार की 35 हजार हेक्टेयर, मक्का की 30 हजार हेक्टेयर और बाजरा की 553 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में बिजाई का लक्ष्य है। खरीफ में उगाईं जाने वाली दालों की बिजाई के लिए 68 हजार हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित है। धान से जुड़े विशेषज्ञ एवं सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक मनजीत नैन ने बताया कि बारिश के बाद हरियाणा में किसानों के लिए अनुकूल समय है, इस समय कोई भी किसान किसी भी किस्म के धान की रोपाई कर सकता है।
किसानों को परामर्श दिया गया है कि रोपाई के दाैरान धान की जड़ को लेकर विशेष ध्यान रखें, जड़ खराब नहीं होनी चाहिए। इसी तरह से रोपाई के दाैरान पाैधे से पाैधे की करीब 10 सेंटीमीटर दूरी हो और एक वर्ग मीटर में 50 पाैधे रोपे जाने चाहिए। इसके अलावा भी खाद लगाने से लेकर दूसरी कई सावधानियों को बरता जाए।
10 जुलाई तक किसान कर सकते हैं अनुदान के लिए आवेदन
धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) का भी कार्य जारी है। 25 जून तक बिजाई का कार्य जारी रहेगा। धान की सीधी बिजाई के लिए 12 जिलों के किसानों को सरकार 4500 रुपये प्रति एकड़ का अनुदान देगी। कृषि विभाग ने किसानों का आह्वान किया है कि 10 जुलाई तक अनुदान पाने के लिए कृषि विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।