चंडीगढ़। हरियाणा सेवा का अधिकार (आरटीएस) आयोग ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) से जुड़े लंबित मामले में कड़ा आदेश जारी किया है। आयोग ने कहा कि न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद मामले का निपटारा करने में अत्यधिक देरी हुई जिससे शिकायतकर्ता को अनावश्यक उत्पीड़न झेलना पड़ा है। आयोग ने इस देरी को अनुचित और बिना वजह बताते हुए शिकायतकर्ता को 5 हजार रुपये मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने एचएसवीपी को निर्देश दिए हैं कि दोषपूर्ण और लापरवाहीपूर्ण कार्यों की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों से मुआवजे की राशि वसूली जाए। सीए एचएसवीपी को आदेशों की अनुपालना रिपोर्ट 22 दिसंबर 2025 तक भेजने के निर्देश दिए गए हैं।