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Chandigarh-Haryana News: बड़ौली की राह हुई आसान, बोले-ये सारा झूठ का बवंडर था

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चंडीगढ़। कसौली दुष्कर्म मामले में अदालत से राहत मिलने से भाजपा अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली की राजनीति करियर की सभी बाधाएं दूर हो गई हैं। अब उनके दोबारा से प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने संभावना प्रबल हो गई है। भले ही उन्हें प्रदेश अध्यक्ष के पद पर अभी डेढ़ साल ही हुए हैं, मगर संगठन में उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। साथ ही राज्य सरकार के साथ समन्वय भी टिकाऊ बनाए हैं। दुष्कर्म के आरोपों की वजह से ही वे कई मौकों पर असहज हो जाते थे। उनका आत्मविश्वास भी डगमगा जाता था, मगर अब वे संगठन के कामों को और तेजी से आगे बढ़ाएंगे। कसौली कोर्ट के फैसले के बाद बड़ौली ने कहा कि सच्चाई की जीत हुई है। ये सारा झूठ का बवंडर था। मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।
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कब क्या-क्या हुआ

13 दिसंबर 2024 : कसौली पुलिस ने मोहन लाल बड़ौली और रॉकी मित्तल के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज किया।

14 जनवरी 2025 : इस मामले की जानकारी सामने आई। पीड़िता के अनुसार उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म 23 जुलाई 2024 को हुआ था

16 जनवरी 2025 : 16 जनवरी को महिला की सहेली पंचकूला में प्रेस कॉन्फ्रेंस में दुष्कर्म से इन्कार किया

7 फरवरी 2025: हिमाचल पुलिस ने कसौली कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट पेश की। हिमाचल पुलिस को सामूहिक दुष्कर्म के सबूत नहीं मिले।

12 मार्च 2025 : कसौली की अदालत ने मोहन लाल बड़ौली व रॉकी मित्तल के खिलाफ सामूहिक बलात्कार मामले में हिमाचल प्रदेश पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली।
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2 अप्रैल 2025 : पीड़िता ने सोलन की अदालत में कसौली कोर्ट के आदेशों को चुनौती दी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
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