मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण की ओर से तैयार मानक संचालन विधियां एवं प्रक्रियाओं का किया विमोचन
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप विकसित भारत-विकसित हरियाणा की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में यह अनिवार्य हो गया है कि हमारे विकास कार्यों की गति न केवल तेज हो, बल्कि टिकाऊ और भरोसेमंद भी हो। केवल तेज गति से निर्माण करना ही पर्याप्त नहीं है। अगर गुणवत्ता से समझौता करके तेज गति से निर्माण किया गया हो, तो उसका परिणाम दुर्घटनाएं, लागत में बढ़ोतरी और जन-विश्वास में कमी आने के रूप में सामने आती हैं।
सीएम सैनी ने यह बातें पंचकूला में आयोजित क्वालिटी एश्योरेंस कॉन्क्लेव में दौरान कहीं। इस मौके पर उन्होंने गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण की ओर से तैयार मानक संचालन विधियां एवं प्रक्रियाओं (एसओएमपी) का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि एक विजन है। एक ऐसी नींव, जिस पर हम गुणवत्तापूर्ण और दीर्घकालिक अवसंरचना, सेवाएं और सुशासन का भव्य भवन निर्मित करेंगे। सीएम ने गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण की स्थापना के दो वर्ष पूर्ण होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण ने कम समय में जो कार्य किए हैं, उसके लिए प्राधिकरण बधाई का पात्र है। इस अवसर पर उन्होंने प्राधिकरण की वेबसाइट को भी लॉन्च किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्राधिकरण भारत का पहला राज्य स्तरीय संस्थान है। इसके मॉडल को अन्य राज्य और केंद्रीय संस्थाएं भी अध्ययन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आज जब हम देश की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की ओर देखते हैं, तो अनेक ऐसी परियोजनाएं हैं, जो लंबित हैं। इस देरी का मुख्य कारण अपर्याप्त गुणवत्ता जांच, सही ढंग से योजनाएं न बनाना और समय पर निरीक्षण न करना है। इस दौरान प्राधिकरण ने मानक संचालन विधियों और प्रक्रियाओं एसओएमपी को भी लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य राज्य में मजबूत, टिकाऊ और विश्वसनीय बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देना है।
विकास पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि हरियाणा एक ऐसा प्रदेश बने और नायब सरकार की ऐसी पहचान बने, जहां सप्लीमेंट्री बजट कम हो। ऐसा तभी संभव होगा, जब प्रदेश में सभी प्रोजेक्ट समय पर पूरे होंगे। लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि हमें इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि विकासात्मक परियोजनाओं की गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता न हो। क्योंकि इससे न केवल पैसे का नुकसान होता है, बल्कि जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण के चेयरमैन राजीव अरोड़ा ने कहा कि हरियाणा सरकार ने यह एक ऐसी अथॉरिटी बनाई, जो भारत में अभी कहीं भी नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने में हमने 80 इंजीनियर को प्रशिक्षित किया है और इस महीने में भी 80 और इंजीनियर को प्रशिक्षण देंगे।