चंडीगढ़। बिहार में किशनगंज के 15 वर्षीय बालक संतोष के बंधुआ मजदूरी और शारीरिक शोषण के मामले में हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने पुलिस जांच रिपोर्ट को अपूर्ण और अस्पष्ट करार देते हुए असंतोष जताया है। आयोग ने आदेश दिए कि आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी, घटनास्थल की पुष्टि और पीड़ित के पुनर्वास पर सघन जांच कर 27 नवंबर से पहले विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाए।
यह मामला तब उजागर हुआ जब बालक को बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन से बहला-फुसलाकर डेयरी फार्म ले जाकर जबरन मजदूरी कराई गई जहां उसका बायां हाथ मशीन में कट गया। घायल अवस्था में छोड़े जाने के बाद वह नूंह पहुंचा जहां एक शिक्षक ने उसकी मदद की। आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त जस्टिस ललित बत्रा और सदस्यों कुलदीप जैन, दीप भाटिया ने कहा कि यह घटना मानवाधिकारों और बाल संरक्षण कानूनों का गंभीर उल्लंघन है।
आयोग ने पुलिस अधीक्षक, रेलवे अंबाला को जांच की निगरानी के निर्देश दिए है और उपायुक्त जींद, नूंह, सिविल सर्जन व बाल संरक्षण अधिकारी से अगली सुनवाई से पहले स्थिति रिपोर्ट मांगी है।