हरियाणा में 25 नवंबर तक विशेष स्वच्छता अभियान शुरू
प्रति सप्ताह जिला उपायुक्त भी देंगे संबंध निकायों का निरीक्षण करके रिपोर्ट
चंडीगढ़। प्रदेश में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए शहरी स्थानीय निकायों को और ज्यादा मेहनत करनी होगी। इसके लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने सभी 87 निकायों में एक विशेष सफाई अभियान शुरू किया है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के मुख्यालय के अधिकारियों ने सभी नगर निगमों के आयुक्तों और संयुक्त आयुक्तों को आदेश दिए हैं कि सुबह पहले सफाई व्यवस्था के हालातों को निरीक्षण करें और फिर दफ्तर जाएं। प्रदेश में 25 नवंबर तक चलने वाले सफाई अभियान को लेकर शाम पांच बजे तक सभी निकायों की तरफ से शहरी स्थानीय निकाय मुख्यालय पंचकूला को ब्योरा भेजा जाएगा। वहीं, सभी 22 जिलों के जिला उपायुक्त साप्ताहिक सफाई का ब्योरा सरकार को भेजेंगे।
सफाई अभियान के तहत मुख्य रूप से चार कार्य करने होंगे
सफाई अभियान के तहत सभी निकायों को मुख्य रूप से चार काम करने होंगे। बाजारों में रात के समय विशेष सफाई अभियान चलाकर कचरा भी तुरंत उठवाना होगा। सभी निकायों के वार्डों में गलियों, सार्वजनिक स्थलों के साथ ही खाली प्लाॅटों की भी सफाई करानी होगी। निकट कम्युनिटी सेंटरों से लेकर दूसरे सार्वजनिक स्थलों पर भी सफाई अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में सामाजिक संगठनों, रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) आदि को भी जोड़ने का सुझाव दिया गया है। यदि कहीं नाले-नालियां ओवरफ्लो हैं तो उन्हें भी साफ कराने और जल निकासी का इंतजाम कराना होगा। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक पंकज कुमार का कहना है कि इस विशेष सफाई अभियान में केवल सफाई ही नहीं बल्कि आमजन की निकाय से जुड़ी प्रत्येक समस्या के समाधान का प्रयास है और प्रतिदिन निकायों से स्वच्छता से संबंधित कराए जा रहे कार्यों का ब्योरा मंगाना शुरू कर दिया है।
सफाई नहीं सड़कों के गड्ढे भरने, स्ट्रीट लाइट की मरम्मत का कार्य भी शामिल
जिन शहरों में सफाई व्यवस्था नहीं सुधरेगी वहां निकाय विभाग के अधिकारी स्वयं निरीक्षण करने जाएंगे। यह प्रक्रिया 15 सितंबर के बाद शुरू करने की तैयारी है। केवल सफाई ही नहीं सड़कों के गड्ढे भरने के साथ ही स्ट्रीट लाइट की मरम्मत का कार्य भी इस अभियान में शामिल हैं। वहीं, गोवंश यदि सड़कों पर घूम रहे हैं तो अभियान चलाकर गोशाला में भेजने का कार्य भी इस अवधि में विशेष रूप से अभियान चलाकर किया जाएगा। सभी निकायों से प्रतिदिन कितना कचरा उठाया गया कहां-कहां कितना कचरा था और उसे हटाने के लिए क्या समाधान किए। कितने कर्मचारी नियमित सफाई कार्य में लगे हैं और कितने कर्मचारी व मशीनरी का उपयोग हो रहा है। जिन स्थानों पर अभी भी गंदगी की समस्या है वहां समाधान के लिए क्या इंतजाम किए आदि बिंदुओं के साथ निरीक्षण का ब्योरा भी भेजना है।