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Chandigarh-Haryana News: एचसीएस अधिकारी की सेवाएं जारी रहेंगी या नहीं, मंत्रिमंडल करेगा फैसला

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सोनीपत में शुगर मिल के एमडी के पद पर रहते हुए अश्विनी कुमार पर लग चुका है लापरवाही व भ्रष्टाचार का आरोप
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। साल 2011 बैच के एचसीएस अधिकारी रीगन कुमार को जबरन रिटायर करने के बाद हरियाणा सरकार के रडार में एक और एचसीएस अधिकारी हैं। राज्य सरकार 2016 बैच के एचसीएस अधिकारी अश्विनी कुमार की सेवाएं आगे जारी रखने के मूड में नहीं है। उनकी सेवाएं आगे जारी रहेंगी या नहीं, इस पर फैसला अब सैनी सरकार का मंत्रिमंडल लेगा। मंत्रिमंडल की बैठक जून के आखिरी सप्ताह में होने की संभावना है।

अब तक 20 ज्यादा अलग-अलग विभागों में तैनात रहे एचसीएस अश्विनी कुमार पर आरोप है कि जब वे को-ऑपरेटिव शुगर मिल सोनीपत में एमडी के पद पर तैनात थे तो उस दौरान शुगर मिल को काफी आर्थिक नुकसान पहुंचा था। इससे सरकार को झटका लगा था। इस मामले में उन पर लापरवाही व भ्रष्टाचार का आरोप लगा था। सरकार की जांच में उन पर लगाए गए आरोप भी सही पाए गए थे। राज्य सरकार ने उनकी पूरी फाइल तैयार कर ली है और अब कार्रवाई करने की तैयारी है।
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मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बताया कि अधिकारी की सेवाएं आगे जारी रहेंगी या नहीं, इस पर फैसला मंत्रिमंडल लेगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार व लापरवाह अफसरों के बारे में सरकार ने नीति बनाई हुई है। आरोप गंभीर और जांच में सही पाए जाते हैं तो उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाती है। अश्विनी कुमार 2016 बैच के एचसीएस अधिकारी हैं और वे पिछले साल नवंबर में 55 साल के हो चुके हैं। एचसीएस के तौर पर अब तक वे सात साल नौकरी कर चुके हैं। हरियाणा सरकार की नीति के मुताबिक जिन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार व लापरवाही के आरोप सही पाए जाते हैं और उनकी एसीआर भी खराब होती है तो उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाती हैं।
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दो अफसरों को किया जा चुका है बर्खास्त
प्रदेश सरकार अब तक दो एचसीएस अधिकारियों को बर्खास्त कर चुकी है। इनमें हरियाणा लोकसेवा आयोग (एचपीएससी) के उपसचिव रहे अनिल नागर और पूर्व एचसीएस अधिकारी रीगन कुमार को बर्खास्त कर चुकी है। अनिल नागर पैसे के साथ पकड़े गए थे, जबकि रीगन कुमार के खिलाफ छेड़खानी और काम में लापरवाही बरतने का आरोप लगा था। रीगन कुमार को बर्खास्त करने के बाद उन्हें जबरन रिटायर भी कर दिया गया था।
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