अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुसंधान और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष (एचएसआरएफ ) की स्थापना की है। इसके लिए सरकार ने 20 करोड़ का बजट आवंटित किया है।
इस योजना के तहत शिक्षकों के लिए प्रति परियोजना अधिकतम अनुदान 50 लाख रुपये और छात्रों को अधिकतम 15 लाख रुपये दिए जाएंगे। हालांकि परियोजनाओं की संख्या प्रत्येक वर्ष के वार्षिक बजट आवंटन के आधार पर तय की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने पहले बजट में हरियाणा के महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों में अध्यापक व विद्यार्थियों के बीच अनुसंधान की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष बनाने की घोषणा की थी।
इसका मकसद छात्रों को राष्ट्रीय और वैश्विक चुनौतियों के साथ तालमेल बिठाते हुए अनुसंधान उन्मुख करियर अपनाने के लिए प्रेरित करना व उच्च शिक्षा संस्थानों को स्थानीय समुदायों, उद्योगों और सरकार के साथ मिलकर व्यावहारिक समाधान तैयार करने में सक्षम बनाना है।
हरियाणा के उच्च शिक्षा विभाग ने अब इस घोषणा को मूर्त रूप दे दिया है। विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से इस बारे में सभी विश्वविद्यालय के कुलपति, स्टेट यूनिवर्सिटी और सभी कॉलेजों को पत्र जारी कर एचएसआरएफ की गाइडलाइंस के बारे में अवगत करा दिया है। हरियाणा सरकार ने अनुसंधान के लिए विषय भी तय कर दिया है।
इनमें प्रमुख रूप से कृषि एवं ग्रामीण विकास, औद्योगिक नवाचार और उद्यमिता, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के उभरते क्षेत्र, आयुष, योग और निवारक स्वास्थ्य, कौशल विकास और रोजगार योग्यता, डिजिटल शिक्षा, जलवायु परिवर्तन, स्थिरता और जल प्रबंधन, समावेशी और मूल्य-आधारित शिक्षा या कोई भी विषय हो सकता है।