अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। गोवा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई-2025) में हरियाणा ने अपनी समृद्ध संस्कृति और फिल्मी विरासत का अद्भुत प्रदर्शन किया। नॉन स्टॉप फिल्मी हरियाणा थीम पर तैयार झांकी ने दर्शकों और निर्णायक मंडल दोनों का मन मोह लिया और पुरस्कार हासिल किया।
महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग के दिशा-निर्देशन में सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं कला संस्कृति विभाग के अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया और संयुक्त निदेशक फिल्म नीरज टुटेजा ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया। झांकी में हरियाणा की लोक-संस्कृति, इतिहास, सिनेमा, पर्यटन और रचनात्मकता को फिल्म के रूप में कलात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया। सुनहरे सरसों के खेत, गांव की चौपाल और फिल्म नीति की झलकियों ने राज्य की जीवंत पहचान और रचनात्मक शक्ति को वैश्विक मंच पर दिखाया।
के. मकरंद पांडुरंग ने अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि हरियाणा में फिल्म सिटी बनाने के प्रयास जारी हैं ताकि निर्माता और निर्देशक राज्य में आकर सिनेमा के माध्यम से इसकी सांस्कृतिक विरासत और फिल्मी उपलब्धियों को दुनिया के सामने पेश कर सकें।
झांकी ने यह संदेश दिया कि हरियाणा एक ऐसा प्रदेश है जहां कहानियां मिट्टी में अंकुरित होती हैं और कला फसलों की खुशबू में अपना सौंदर्य संवारती है। राज्य सिनेमा जगत में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग पहचान बनाने में सफल हुआ है।