कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ने बांध पर सीआईएसएफ तैनाती न करने पर भी उठाए सवाल
बांध में पानी की किल्लत नहीं, पंजाब चुनाव को लेकर भाजपा और आप सरकार की साजिश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में पेयजल की काफी किल्लत है। 215 जलघर पूरी तरह सूख चुके हैं और 10 जिलों में गंभीर जल संकट है। प्रदेश में हावी टैंकर माफिया एक हजार रुपये प्रति टैंकर के हिसाब से पानी के लिए वसूल रहे हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने रविवार को प्रेसवार्ता में सवाल उठाया कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के चेयरमैन की लिखित मांग के बावजूद केंद्र सरकार नंगल बांध की सुरक्षा में सीआईएसएफ तैनात क्यों नहीं कर रही? केंद्र सरकार बीबीएमबी को पानी छोड़ने का आदेश क्यों नहीं दे रही?
सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्री एक दूसरे को पत्र लिखने में व्यस्त हैं। सीएम नायब सैनी, केंद्र की भाजपा सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी व बिजली मंत्री मनोहर लाल प्रदेश को उसका हक दिलवाने की बजाय कभी सर्वदलीय बैठक का स्वांग रचते हैं तो कभी अदालत का दरवाजा खटखटाने के बहाने ढूंढते हैं।
केंद्रीय परियोजना बीबीएमबी का नियंत्रण केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के पास होने के बावजूद बोर्ड कोई फैसला क्यों नहीं ले पा रहा है। इस बारे में बैठक देश के गृह सचिव बुला रहे हैं, जबकि उनका इससे दूर-दूर तक का नाता नहीं है। सीएम सैनी ने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी, इससे कई माह या वर्षों तक पानी के अधिकार से वंचित रहना पड़ सकता है।
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस को सत्ता में आने से रोकने के लिए सीएम मान को हीरो बनाने में लगी है। इस बार भी पंजाब में भाजपा को आना नहीं और आप को लोग नकार चुके हैं। नंगल बांध में अभी 1,556 फीट पानी है, जो 1,506 फीट तक जा सकता है। प्रदेश को रोजाना 8500 क्यूसेक पानी देने पर 21 मई तक डैम का मौजूदा पानी का स्तर 1556 फीट से 1532 फीट तक ही रहेगा। यानी तब भी डैम के निर्धारित न्यूनत स्तर (1506 फीट) से 26 फीट ऊपर पानी रहेगा। तो ऐसे में किसी राज्य को क्या एतराज हो सकता है?