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Chandigarh-Haryana News: कॉलेज में खेलकूद, एनसीसी समेत अन्य गतिविधियों से मिलेंगे क्रेडिट

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- हरियाणा में नई व्यवस्था लागू, यूजी में छह और पीजी में मिल सकेंगे चार क्रेडिट
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- गतिविधि के प्रमाण और उपलब्धि की जांच के बाद अकादमिक रिकॉर्ड में जुड़ेंगे क्रेडिट

अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। हरियाणा के कॉलेजों में अब केवल कक्षा और परीक्षा ही पढ़ाई का हिस्सा नहीं होगी। खेलकूद, एनसीसी, एनएसएस, योग, सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्टार्टअप और समाजसेवा जैसी गतिविधियों में भाग लेने पर विद्यार्थियों को अकादमिक क्रेडिट मिलेंगे। इन क्रेडिट को विद्यार्थी के अकादमिक रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत लागू व्यवस्था में तीन और चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में अधिकतम छह क्रेडिट और दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में अधिकतम चार क्रेडिट लिए जा सकेंगे। सामान्य तौर पर एक क्रेडिट के लिए 30 घंटे की प्रमाणित गतिविधि का आधार रखा गया है। एनसीसी, खेल एवं योग, सांस्कृतिक गतिविधियों, स्टार्टअप और सामाजिक गतिविधियों के लिए छह-छह क्रेडिट तक का प्रावधान है। एनएसएस और यूथ रेडक्रॉस से चार-चार क्रेडिट मिल सकेंगे।
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क्रेडिट लेने की प्रक्रिया तय
विद्यार्थी को जिस गतिविधि के लिए क्रेडिट चाहिए, उसका रिकॉर्ड रखना होगा। इसमें गतिविधि की अवधि, किए गए काम के घंटे, उपस्थिति, प्रमाणपत्र और उपलब्धि का विवरण देना होगा। निर्धारित प्रपत्र के साथ यह जानकारी कॉलेज या संबंधित विश्वविद्यालय में जमा करनी होगी। इसके बाद विश्वविद्यालय स्तर की समिति प्रमाणपत्र, उपस्थिति, गतिविधि रिपोर्ट और उपलब्धि की जांच करेगी।
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सिर्फ किसी गतिविधि में नाम दर्ज कराने या एक-दो बार भाग लेने से क्रेडिट नहीं मिलेगा। विद्यार्थी के वास्तविक काम और उपलब्धि के आधार पर ग्रेड तय होगा। इसके बाद स्वीकृत क्रेडिट अकादमिक रिकॉर्ड और अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स में यह दर्ज किए जाएंगे। फर्जी प्रमाणपत्र या एक ही गतिविधि के लिए दोहरा दावा मिलने पर क्रेडिट नहीं दिया जाएगा।स्टार्टअप, नवाचार प्रतियोगिता, पेटेंट जैसी उपलब्धियों तथा गांव, स्कूल या जरूरतमंद वर्ग के लिए किए गए प्रभावी सामाजिक कार्यों को भी मान्यता दी जाएगी।
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