अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारियों के बीच हरियाणा के पांच जिलों में मतदाता सूची मैपिंग की धीमी प्रगति ने निर्वाचन आयोग की चिंता बढ़ा दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बुधवार को समीक्षा बैठक में फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत और पंचकूला में मैपिंग का काम 60 प्रतिशत से कम रहने पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अभियान में तेजी लाने और जनसहयोग बढ़ाने के निर्देश दिए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 64.26 प्रतिशत मैपिंग का कार्य पूरा हुआ है। संबंधित जिलों में आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के साथ बैठकें कर लोगों को अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अगले सप्ताह इन जिलों का दौरा करने की घोषणा भी की।
हरियाणा में करीब 24 साल बाद विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 15 जून से शुरू होगा, जो 14 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 22 सितंबर को किया जाएगा। राज्य में 2.06 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता और 20,629 मतदान केंद्र हैं। अभियान की निगरानी के लिए पहली बार मंडलायुक्तों को रोल ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कल से डाउनलोड किए जा सकेंगे गणना फाॅर्म
-ए. श्रीनिवास ने बताया कि गणना फॉर्म हिंदी में उपलब्ध होंगे और 5 जून 2026 से आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकेंगे। जिन घरों से फॉर्म वापस नहीं मिलेंगे, वहां बीएलओ पड़ोसियों से जानकारी लेकर अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान करेंगे। प्रत्येक ऐसे घर का कम से कम तीन बार दौरा करना अनिवार्य होगा। ऑनलाइन फॉर्म भरने वालों का भी घर जाकर सत्यापन होगा। जिन मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची में नहीं होंगे, उनकी सूची पंचायत भवनों, शहरी निकाय कार्यालयों और बीडीपीओ कार्यालयों में प्रदर्शित होगी और संभावित कारण बताए जाएंगे।