करनाल और मेवात से रिपोर्ट आनी बाकी, अगली सुनवाई तक सौंपने का आदेश
माननीयों पर लंबित आपराधिक मामलों के निपटारे में तेजी लाने के लिए हाईकोर्ट ने लिया है संज्ञान
चंडीगढ़। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने वर्तमान, पूर्व सांसदों और विधायकों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जांच और सुनवाई में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इस मामले में करनाल और मेवात के जिला व सत्र न्यायाधीशों से रिपोर्ट तलब की है। हाईकोर्ट ने रजिस्ट्री को आदेश दिया है कि वह उनसे रिपोर्ट मंगवाए।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने माननीयों पर लंबित आपराधिक मामलों के निपटारे में तेजी लाने के लिए संज्ञान लिया है। इससे पहले हुई सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार के वकील ने बताया था कि राज्य में वर्तमान या पूर्व सांसदों/विधायकों के खिलाफ कुल 13 आपराधिक मामले लंबित हैं। इनमें से एक एफआईआर वर्ष 2025 में दर्ज हुई थी जिसमें चालान दाखिल किया जा चुका है।
12 मामलों में अब तक जांच जारी है। चीफ जस्टिस ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि लोग आप पर निगाह रखे हुए हैं। अगर यह कोई आम आदमी होता तो छह महीने में जांच पूरी कर जेल भेज दिया गया होता। इसी तरह पंजाब में भी वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कुल 28 आपराधिक मामले लंबित हैं जिनमें से अधिकतर 2023 और 2024 में दर्ज किए गए हैं।