- प्रदेशभर में 1500 खेल नर्सरियां संचालित, इनमें 1000 निजी संस्थान और पंचायतें कर रहीं संचालित
- प्रदेश की प्रत्येक नर्सरी में 25 खिलाड़ी ले रहे प्रशिक्षण
कुलदीप शुक्ला
चंडीगढ़। हरियाणा की खेल नीति की देशभर में चर्चा होती है। इतना ही नहीं राजधानी चंडीगढ़ सहित कई राज्यों ने हरियाणा की खेल नीति को अपनाया भी है मगर नए सत्र अप्रैल 2025 से संचालित 1500 खेल नर्सरियों में से 1000 निजी खेल नर्सरियों के प्रशिक्षकों का वेतन और खिलाड़ियों की डाइट मनी अटकी हुई है। ऐसे में सवाल उठता है कि खिलाड़ी कैसे पदक जीतेंगे?
प्रदेशभर में 1500 खेल नर्सरियों में से 500 खेल नर्सरियां प्रदेश सरकार और 1000 नर्सरियां निजी संस्थाओं और पंचायतों की ओर से संचालित की जा रही हैं जबकि 500 और नर्सरियां शुरू करने की प्रक्रिया जारी है। इन नर्सरियों में कुश्ती, कबड्डी, मुक्केबाजी, योग सहित अन्य तरह के खेलों का प्रशिक्षण खिलाड़ियों को मिलता है। हिसार से कुश्ती प्रशिक्षक राम बिलास और भिवानी के प्रशिक्षक अजय फोगाट ने बताया कि सरकारी नर्सरियों में सरकारी कोच होते हैं जबकि संस्थाओं व ग्राम पंचायतों के जरिए संचालित प्रत्येक नर्सरी में एक निजी प्रशिक्षक नियुक्त होता है। एक हजार निजी प्रशिक्षकों का मानदेय अप्रैल 2025 से अटका हुआ है। इसी तरह अप्रैल 2025 से प्रति नर्सरी 25 खिलाड़ियों के आधार पर तकरीबन 37,500 खिलाड़ियों की डाइट मनी अटकी हुई है।
रोहतक के पहलवान अमन ने बताया कि अप्रैल माह से डाइट मनी नहीं मिली है। इससे पूर्व भी कई बार तीन माह या पांच माह की डाइट मनी एक साथ आती रही है, जोकि हर माह एक निर्धारित तारीख को मिलनी चाहिए।
डाइट भत्ते में 500 रुपये की वृद्धि
प्रदेशभर में 8 से 14 वर्ष के खिलाड़ियों को प्रतिमाह 1500 रुपये और 15 से 19 वर्ष के खिलाड़ियों को प्रति माह 2 हजार रुपये डाइट भत्ता मिलता है, जोकि इस वर्ष से 500 रुपये की वृद्धि करते हुए क्रमश: 2 हजार और 2500 रुपये हो गया है। 15 अगस्त 2025 से नर्सरियों में खिलाड़ियों बायोमीट्रिक हाजिरी भी अनिवार्य कर दी गई है ताकि यह पता चल सके कि नर्सरी में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को लाभ मिल रहा है या नहीं।
प्रशिक्षकों का मानदेय बढ़ाने की हो चुकी घोषणा
प्रदेश के कनिष्ठ प्रशिक्षकों का मानदेय 20 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये और वरिष्ठ प्रशिक्षकों का मानदेय 25 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये मासिक देने की घोषणा की गई है हालांकि, अभी तक प्रशिक्षकों को नए मानदेय का इंतजार है।
निजी स्कूलों को 5 माह बाद भी नहीं मिलीं खेल नर्सरियां
प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से हर सत्र में निजी स्कूलों को भी खेल नर्सरियां अलॉट की जाती हैं। इस बार खेल विभाग की तरफ से मार्च 2025 में खेल नर्सरियों के लिए आवेदन मांगे गए थे। इसके बाद आवेदन करने वाले स्कूलों में जिला खेल अधिकारियों की ओर से जांच कर सूची खेल विभाग के डायरेक्टर के पास पंचकूला भेजी गई। इसके बावजूद अभी तक निजी स्कूलों में खेल नर्सरियां अलॉट नहीं की गई हैं।
कोट...
प्रदेशभर में संचालित नर्सरियों में प्रशिक्षकों को मानदेय और खिलाड़ियों को डाइट मनी समय पर मिले इसके लिए पोर्टल चालू किया गया। इस पोर्टल के जरिए सभी खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। आगामी एक सप्ताह या 10 दिन के अंदर सभी को राशि जारी कर दी जाएगी।
संजीव वर्मा, खेल महानिदेशक, हरियाणा।