कहा-आप ने बहनों को नहीं दिए पैसे, अब पंजाब के लोग हरियाणा मॉडल की ओर देख रहे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को पत्रकार वार्ता में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस घोषणा पत्र लाकर चुनावों में जनता को गुमराह करती है। सत्ता में आते ही उसे भूल जाती है और कूड़ेदान में डाल देती है। कांग्रेस के नेता कहते कुछ हैं और करते कुछ और हैं। यही स्थिति पंजाब में आम आदमी पार्टी की भी है। वहीं, हरियाणा में जहां अभी चुनाव का नामो-निशान नहीं है, वहां सरकार संकल्प पत्र के वादों को निरंतर पूरा कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी है, जो कहा-वह किया। कांग्रेस की गारंटी चीनी सामान की तरह है जिसकी कोई गारंटी नहीं होती।
सीएम सैनी ने कहा कि पंजाब की बहनों को अब आम आदमी पार्टी की सरकार पर विश्वास नहीं रहा। चुनाव से पहले उन्होंने महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देने का वादा किया था। दूसरा चुनाव नजदीक आ गया है मगर महिलाओं को अब तक पैसे नहीं मिले हैं। जिस प्रकार पहले कांग्रेस पार्टी ने पंजाब को खोखला किया, उसी राह पर अब आम आदमी पार्टी भी चल रही है। इन राजनीतिक दलों से त्रस्त पंजाब की जनता अब कल्याणकारी योजनाओं के लिए हरियाणा की ओर उम्मीद से देख रही है।
उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता समझ गई है कि प्रधानमंत्री मोदी ही ऐसे नेता हैं जिनके नेतृत्व में देशभर में जनकल्याण के ऐतिहासिक कार्य हो रहे हैं। पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार इच्छाशक्ति, नियत और नीति, तीनों ही स्तर पर विफल साबित हुई है। पंजाब में लाडो लक्ष्मी योजना को शुरू किए जाने के सवाल पर कहा कि यह सब पार्टी तय करती है। चुनाव से पहले पार्टी सोच-समझकर घोषणा करेगी।
कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल में बहनों से किए गए वादे आज तक अधूरे
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मानसून सत्र से पहले के सत्र में लाडो लक्ष्मी योजना का मुद्दा खूब उठाया था। जब उनसे पूछा गया कि कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार द्वारा बहनों से किए गए वादों को अब तक क्यों पूरा नहीं किया गया, तो उनके पास कोई जवाब नहीं था। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी एक ही थाली में खाते हैं और इसलिए जनता को उन पर कोई विश्वास नहीं रहा।
जिनके शासनकाल में कन्या भ्रूण हत्या होती थी, वे आज नारी सम्मान की बात करते हैं
सैनी ने कहा कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है। जिस तरह कांग्रेस विधायकों ने बेटी बचाओ के पोस्टर सदन में लहराए उससे वे स्वयं व्यक्तिगत तौर पर आहत हुए हैं। सदन में बेटी बचाओ के पोस्टर लहराकर कांग्रेस ने केवल राजनीतिक नौटंकी की है। जिनके शासनकाल में बेटियों की भ्रूण हत्या होती थी, वे आज नारी सम्मान की बात कर रहे हैं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।