चंडीगढ़। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के राज्य प्रधान नरेंद्र दिनोद, महासचिव सुमेर सिवाच और राज्य कार्यकारिणी के पदाधिकारी जय कुंवर दहिया ने बयान जारी करके मांग पूरी न होने के आरोप लगाए हैं। तीनों ही पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान में कहा कि राज्य परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ 22 मई को वार्ता हुई थी।
विभाग के महानिदेशक के साथ हुई बातचीत में जिन मांगों पर सहमति बनी थी उनमें चालकों, लिपिकों, परिचालकों का पे ग्रेड बढ़ाने, चालक व परिचालकों को एक माह में 30 रात्रि ठहराव के भुगतान की पावर महाप्रबंधकों को देने की मांग शामिल थीं। लिपिकों के लिए पदोन्नति की अवधि 12 वर्ष के बजाय आठ वर्ष करने की भी मांग शामिल थी।
इसके अलावा 2004 से पहले लगे चालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का करने और पुरानी पेंशन योजना में शामिल करने की मांग को भी पूरा करने पर सहमति बनी थी लेकिन विभागीय उच्चाधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की और सरकार भी मांगों को पूरा कराने के लिए गंभीर नहीं। यह भी बताया कि जल्द ही राज्यस्तरीय बैठक बुलाने पर विचार किया जा रहा है जिसमें आगामी आंदोलन की रणनीति पर विचार, विमर्श किया जाएगा।