सरकार ने यह सुविधा उन वाहन मालिकों के लिए शुरू की है जिनके पास हरियाणा के एनसीआर जिलों में पंजीकृत बीएस-4 या उससे पुराने मानकों वाले ट्रक और बस हैं। यदि वे अपने पुराने वाहन की जगह नया या पुराना बीएस-6, इलेक्ट्रिक या सीएनजी वाहन खरीदते हैं तो उन्हें टैक्स में यह राहत मिलेगी। यह छूट वाहन के पहले पंजीकरण की तारीख से 10 साल तक लागू रहेगी। सरकार का मानना है कि इस योजना से सड़कों पर पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहन कम होंगे। इलेक्ट्रिक, सीएनजी और बीएस-6 वाहनों को बढ़ावा मिलेगा। इससे एनसीआर में हवा की गुणवत्ता बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
बीएस-3 व उससे पुराने ट्रक व बसों को स्क्रैप में भेजना अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत बीएस-3 और उससे पुराने ट्रक व बसों को अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र में भेजना अनिवार्य होगा। वहीं बीएस-4 वाहनों को स्क्रैप कराने या फिर एनसीआर से बाहर किसी ऐसे क्षेत्र में बेचने की अनुमति होगी, जहां प्रदूषण नियंत्रण के विशेष नियम लागू नहीं हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कर छूट का लाभ लेने के लिए नया या पुराना प्रतिस्थापन वाहन हरियाणा के एनसीआर जिलों में ही खरीदा और पंजीकृत कराया जाना चाहिए।