लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति से निपटने में हुई देरी पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने सभी जिलों के सब-डिवीजन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इस रिपोर्ट में पानी की निकासी में हुई देरी के कारणों का ब्योरा तलब किया गया है।
लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने शुक्रवार को यह निर्देश दिए हैं। मंत्री गंगवा ने कहा कि बारिश की मात्रा को देखते हुए विभाग ने पूरी तत्परता से काम किया। फिर भी जहां पानी निकलने में देरी हुई उसके कारणों का पता लगाना जरूरी है ताकि व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को पहले ही जिला मुख्यालय न छोड़ने और जलभराव पर नजर रखने के निर्देश दिए थे। रिपोर्ट में जलभराव के स्थान, निकासी में लगा समय और देरी के कारण शामिल होंगे।
मंत्री ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि यदि रिपोर्ट में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता को हुई परेशानी के लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गंगवा जल्द ही विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में सभी जिलों से प्राप्त रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी। जल निकासी में देरी के कारणों और उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर चर्चा होगी। इस कवायद का उद्देश्य व्यवस्था को मजबूत करना है। सरकार का लक्ष्य है कि आमजन को बारिश के दौरान कोई परेशानी न हो और समस्याओं का स्थायी समाधान हो।