चंडीगढ़। हरियाणा में कोरोना के समय 2020 में रजिस्ट्री से जुड़े घोटाले में 38 राजस्व अधिकारियों पर गाज गिरना तय हो गया है। सरकार ने इन अधिकारियों का ब्योरा जिला उपायुक्तों से मांगा है और जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा है। इससे तय है कि संबंधित अधिकारियों पर सरकार शिकंजा कसने जा रही है।
वित्तायुक्त राजस्व डॉ. सुमिता मिश्रा ने उपायुक्तों के साथ हुई बैठक में कहा कि 6 जिला राजस्व अधिकारियों , 23 तहसीलदारों और 9 नायब तहसीलदारों सहित 38 दोषी राजस्व अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा रही है। संबंधित जिलों के उपायुक्तों से समय पर ब्योरा मांगा है और जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात कही।
बताया कि राज्य भर में सीमांकन प्रक्रिया जल्द उन्नत रोवर्स के माध्यम से संचालित की जाएगी और सभी उपायुक्तों को कर्मचारियों के प्रशिक्षण और उपकरणों की अग्रिम खरीद सुनिश्चित करने के आदेश दिए थे। उपायुक्तों से कृषि जनगणना 2021-22 के दूसरे चरण के लिए लंबित सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आग्रह किया, लेकिन 16 जिलों में सरकार के आदेशों का पालन नहीं हुआ।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्य के सभी जिलों में आधुनिक राजस्व अभिलेख कक्ष (एमआरआरआर) स्थापित करने की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने डिजिटल अभिलेखों का सभी दस्तावेज सत्यापन का काम 15 अगस्त तक पूरा कराने के आदेश दिए। हरियाणा में पंजीकरण सेवाएं जल्द ही पूरी तरह से कागज रहित होंगी। म्यूटेशन के लंबित मामलों को कम करने के लिए नया सॉफ्टवेयर विकसित किया है, जोकि स्वामित्व पंजीकरण के समय एक साथ म्यूटेशन की अनुमति देता है। ब्यूरो