अब हरियाणा में नहीं मिलेगा नया लाइसेंस, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने जारी किया आदेश
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने रेवाड़ी के बावल में 5.44 एकड़ की अफोर्डेबल हाउसिंग कॉलोनी विकसित करने का लाइसेंस लेने के बावजूद परियोजना शुरू नहीं करने वाली शिवा मेगा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। कंपनी ने न तो लाइसेंस का नवीनीकरण कराया, न ही सरकार के बकाया शुल्क जमा किए। अब कंपनी, उसके तीन निदेशक और उनसे जुड़ी किसी भी अन्य कंपनी को भविष्य में हरियाणा में नया कॉलोनाइजर लाइसेंस नहीं मिलेगा।
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग (डीटीसीपी) के निदेशक अमित खत्री की ओर से जारी आदेश के मुताबिक कंपनी को 12 सितंबर 2014 को रेवाड़ी के बावल सेक्टर-10ए में 5.44375 एकड़ क्षेत्र में अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग कॉलोनी विकसित करने का लाइसेंस दिया गया था। यह लाइसेंस 11 सितंबर 2019 तक वैध था। विभाग ने बताया कि लाइसेंस समाप्त होने के बाद कंपनी ने इसके नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया। साथ ही बाह्य विकास शुल्क (ईडीसी) और अन्य सरकारी बकाया भी जमा नहीं किए। सबसे गंभीर बात यह रही कि कंपनी ने मौके पर कॉलोनी का विकास भी शुरू नहीं किया और विभाग के नोटिसों पर भी कोई जवाब नहीं दिया। इन गंभीर उल्लंघनों के चलते 18 फरवरी 2022 को लाइसेंस रद्द कर दिया था।
अब विभाग ने कंपनी की ओर से लाइसेंस शर्तों और द्विपक्षीय समझौते के गंभीर उल्लंघन को देखते हुए उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया है। आदेश के अनुसार कंपनी के निदेशक विनय कुमार, मनीष चौधरी और भूपिंदर सिंह व इन निदेशकों से जुड़ी किसी भी अन्य इकाई को भी भविष्य में हरियाणा विकास व शहरी क्षेत्र विनियमन अधिनियम, 1975 के तहत कोई नया लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा।
निदेशक की ओर से सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि उक्त कंपनी, उसके निदेशक या उनसे संबद्ध कोई संस्था भविष्य में लाइसेंस के लिए आवेदन करती है तो उसे स्वीकार या प्रक्रिया में न लिया जाए। आदेश को विभाग की वेबसाइट पर भी अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।