कांग्रेस हाईकमान ने वर्चुअल बैठक में संगठन बनाने के लिए 22 जिलों में लगाए गए केंद्रीय पर्यवेक्षकों से लिया फीडबैक
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को हरियाणा में कांग्रेस का संगठन बनाने के लिए 22 जिलों में लगाए गए केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ वर्चुअल बैठक की। पर्यवेक्षकों ने अपना फीडबैक राहुल गांधी के साथ साझा किया। अब तक कितना काम हो चुका है, कहां-कहां गुटबाजी सामने आई और कौन से नेता गुटबाजी को बढ़ावा दे रहे हैं इसकी जानकारी दी। राहुल ने पर्यवेक्षकों से कहा कि वे बिना किसी दबाव के अपना काम करें और जल्दबाजी में किसी नेता का चयन न करें।
पर्यवेक्षकों को हर जिले से जिला अध्यक्ष पद के लिए छह नाम का पैनल तैयार करना है। पैनल में शामिल हर उम्मीदवार के बारे में ब्योरा दिया गया है। पर्यवेक्षक 30 जून तक सभी जिलों के पैनल शीर्ष नेतृत्व को सौंप देंगे। इसके बाद पार्टी हाईकमान 15 जुलाई तक कांग्रेस संगठन बनकर तैयार कर देगा। जिलाध्यक्ष को चुने जाने की प्रक्रिया अभी प्रारंभिक स्तर पर चल रही है। आवेदकों से नाम लेने के बाद पर्यवेक्षक आम कार्यकर्ताओं से राय लेंगे। इस बार वरिष्ठ नेताओं से सलाह नहीं ली जा रही है।
राहुल गांधी की सोच है कि जमीनी कार्यकर्ताओं को ही जिलाध्यक्ष बनने का मौका दिया जाए। अध्यक्ष उसी को बनाए जाए, जिसके अंदर सिर्फ कांग्रेस के प्रति जुनून हो। पर्यवेक्षकों ने राहुल गांधी को बताया है कि हर जिले से उनके पास काफी संख्या में आवेदन आए हैं। उन नामों की छंटनी कर छह नामों का एक पैनल तैयार किया जाना है। राहुल के साथ कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और हरियाणा कांग्रेस प्रभारी बीके हरिप्रसाद भी मौजूद थे।
इसके अलावा हरियाणा के कई कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की। अंबाला से सांसद वरुण मुलाना ने कहा कि राहुल गांधी के दिशा-निर्देश पर संगठन बहुत जल्द बनकर तैयार हो जाएगा। यह ऐसा संगठन होगा, जिसके अंदर सभी क्षमताएं मौजूद होंगी।
-
चरखी दादरी पर्यवेक्षक के सामने ही कांग्रेसियों में धक्का-मुक्की
चरखी दादरी। कांग्रेस की राष्ट्रीय पर्यवेक्षक रीटा चौधरी वीरवार को दादरी विश्राम गृह पहुंचीं थीं। बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उनसे मिलने के लिए वहां पहुंच गए। गेट के बाहर अव्यवस्था देखकर रीटा चौधरी स्वयं बाहर आ गईं। अव्यवस्था देख नाराज होकर रीटा चौधरी ने कार्यकर्ताओं को फटकार लगाते हुए कहा कि धैर्य नाम की भी कोई चीज होती है, क्या ऐसे में जिलाध्यक्ष नियुक्त किए जाएंगे। इसके बाद पुलिस ने गेट से सभी कार्यकर्ताओं को हटाया और उन्हें शांतिपूर्वक इंतजार करने को कहा। शुक्रवार को इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो वायरल हुआ।