राहुल ने 25 मिनट तक अकेले में अमनीत, उनकी बेटी व भाई से बातचीत की
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी वाई पूरण कुमार के परिवार के साथ करीब 50 मिनट तक रहे। इस दौरान उन्होंने परिवार के हर सदस्य से मुलाकात की और कहा कि इस लड़ाई में वे उनके साथ हैं। राहुल ने 20 से 25 मिनट वाई पूरण की पत्नी अमनीत पी कुमार, उनकी दोनों बेटियों, अमनीत के भाई अमित रतन और उनकी पत्नी के साथ अकेले में बातचीत की। अमनीत ने बताया कि उनके पति को कई सालों से परेशान किया जा रहा था। वह काफी दिलेर थे। इसके बावजूद वे आखिरी में टूट गए। उन्होंने बताया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि मुख्य आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी मगर तीन दिन बीतने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
राहुल ने सभी परिजनों की तसल्ली से बातें सुनीं और उन्हें ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिया कि कांग्रेस पार्टी उनके साथ है। वे इस लड़ाई में खुद को अकेला महसूस न करें। यह लड़ाई सिर्फ उनकी नहीं बल्कि देश के हर शख्स की है। राहुल ने उनकी बेटियों से भी बात की और कहा कि उनके पापा काफी हिम्मत वाले थे। आपको न्याय जरूर मिलेगा।
मरने के बाद तो उन्हें सम्मान दीजिए
मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा- आरोपियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए। राहुल से पूछा गया कि क्या पूरण कुमार के परिवार ने पोस्टमार्टम के लिए हामी भरी। इस पर उन्होंने कहा- देखिए परिवार कह रहा है कि हमें सम्मान चाहिए। आपने हमारे पति का अपमान किया है। उनके करियर को खत्म करने की कोशिश की। उन्होंने आत्महत्या की है। कम से कम मरने के बाद तो उन्हें सम्मान दीजिए।
यह देश के हर दलित भाई-बहन के आत्मसम्मान की बात
राहुल गांधी ने कहा कि 100 फीसदी सही है और यह सिर्फ एक परिवार के आत्मसम्मान की बात नहीं बल्कि हिंदुस्तान के हर दलित भाई-बहन की बात है। मैं फिर से कह रहा हूं, प्रधानमंत्री से कह रहा हूं, मुख्यमंत्री से कह रहा हूं, जल्दी से जल्दी आप कार्रवाई कीजिए। इसमें देरी स्वीकार नहीं होगी।
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सोशल मीडिया पर राहुल ने बताया घटना को त्रासदी
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या हमारे समाज और सिस्टम की अंतरात्मा को झकझोर देने वाली त्रासदी है। इससे पीड़ादायक क्या हो सकता है कि वाई पूरण कुमार की पत्नी एक सप्ताह से पति का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करने का इंतजार कर रही हैं। उनका, उनके बच्चों का दर्द महसूस कर पा रहा हूं। पूरा दलित समाज जिस मानसिक पीड़ा से गुजर रहा है इसकी कल्पना से ही मन विचलित हो रहा है। लेकिन कितने पत्थर दिल हैं दिल्ली से हरियाणा सरकार चलाने वाले नरेंद्र मोदी जिनका दिल नहीं पसीज रहा। क्योंकि उनके शासन में ही ये नृशंस जुल्म चल रहा। दिन बीते जा रहे हैं मगर अब भी कोई गिरफ्तारी नहीं। यह साफ अन्याय है। प्रधानमंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री तुरंत कार्रवाई करें, दोषियों को सजा दें और इस दलित परिवार को न्याय और सम्मान दिलाएं।