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Chandigarh-Haryana News: वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट के लिए तैयारियां शुरू

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फोटो संख्या : 56 और 58
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आर्थिक एवं सांख्यिकी कार्य विभाग ने 60 विभागों के साथ बैठकें कर 800 योजनाओं की समीक्षा की
अब जल्द ही विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ सरकार सीधे चर्चा करेगी

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट को लेकर तैयारियां शुरू हो गईं हैं। पिछले बजट की सरकार की घोषणा के अनुसार योजनाओं व खर्च आदि को लेकर समीक्षा हो चुकी है। आर्थिक एवं सांख्यिकी कार्य विभाग ने बीते दिसंबर में करीब 60 विभागों के साथ बैठकें कीं। इस दाैरान करीब 800 योजनाओं की समीक्षा भी की गई। इसके साथ ही करीब 400 करोड़ रुपये के डी-प्लान (जिला योजना) के बजट की समीक्षा की गई। अब जल्द ही प्री बजट कार्य शुरू हो जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए करीब 205017.29 करोड़ रुपये का नायब सैनी सरकार ने बजट पेश किया था। वित्तीय वर्ष 2024-2025 के बजट की तुलना में इस बजट में करीब 13.7 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई थी। आर्थिक एवं सांख्यिकी कार्य विभाग के निदेशक मनोज कुमार गोयल ने बताया कि वर्ष 2026-2027 के लिए बजट की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। प्री-बजट को लेकर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों जैसे उद्यमियों, व्यापारियों, कर्मचारी संगठनों आदि के साथ सरकार सीधे चर्चा करेगी। इसके लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के जल्द कार्यक्रम तय होंगे।
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40 प्रतिशत विकास और 60 प्रतिशत वेतन पर खर्चा
बजट की बात करें तो आर्थिक एवं सांख्यिकी कार्य विभाग के माध्यम से विकास और कल्याण से संबंधित योजनाओं का खाका तैयार किया जाता है। वित्त विभाग के माध्यम से कर्मचारियों की पेंशन, वेतन आदि से संबंधित खर्चों का ब्योरा तैयार किया जाता है। बजट तैयारी को लेकर देखें तो आर्थिक एवं सांख्यिकी कार्य विभाग विकास और कल्याण से संबंधित योजनाओं पर खर्च होने वाले 40 प्रतिशत बजट का खाका खींचता है। प्रदेश में खर्च होने वाले शेष 60 प्रतिशत बजट का मसाैदा वित्त विभाग तैयार करता है।
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पहले ही विभाग की वेबसाइट पर मिल जाएगा अनुमानित बजट का ब्योरा
आगामी वर्षों में बजट पेश होने से पहले ही आमजन विभागवार प्रस्तावित या अनुमानित बजट का ब्योरा जान सकेगा। आर्थिक एवं सांख्यिकीय कार्य विभाग तकनीकी रूप से मजबूत होगा। आगामी वर्षों में विभागों के खर्चे और अनुमानित बजट आदि का ब्योरा विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। आमजन को इससे आसानी से पता चल सकेगा कि कहां कितना पैसा आगामी दिनों में बजट के माध्यम से खर्च होगा। इसके लिए केंद्र सरकार के निर्देश पर करीब 1250 अधिकारी-कर्मचारियों को 11 व 12 दिसंबर को प्रशिक्षित किया जा चुका है। विभाग के अतिरिक्त निदेशक आरके मोर, उप निदेशक अनिल कुमार हुड्डा का कहना है कि संकलन, आर्थिक सर्वेक्षण, राज्य आय, पूंजी निर्माण, क्षेत्रीय बैंक खाते, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण आदि बिंदुओं को लेकर प्रशिक्षण दिया गया है।


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