फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh-Haryana News: गर्भवती महिलाओं की मिलेगी यूनिक आईडी, रखा जाएगा डिजिटल रिकॉर्ड

विज्ञापन
विज्ञापन
अवैध गर्भपात रोकने के लिए राज्य सरकार उठाने जा रही नया कदम
विज्ञापन



अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लिंगानुपात को सुधारने और अवैध गर्भपात को रोकने के लिए प्रदेश सरकार सख्त से सख्त कदम उठाने में जुटी है। स्वास्थ्य विभाग गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था पहचान पत्र प्रदान करेगा। इसमें एक यूनिक आईडी भी होगी, जिससे उनका डिजिटल रिकॉर्ड रखा जा सकेगा। वह जब भी राज्य के किसी निजी अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र और सिविल अस्पताल में अपना चेकअप कराने जाएंगी तो यूनिक आईडी के माध्यम से उनकी ट्रैकिंग हो सकेगी। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। बहुत जल्द इसे लॉन्च किया जाएगा।
प्रदेश में साल 2024 में लिंगानुपात 910 पर आ गया था, जो आठ साल में सबसे कम था। इससे चिंतित राज्य सरकार अवैध गर्भपात रोकने के लिए कई कदम उठा रही है, जिसमें अब गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य जांच की ट्रैकिंग भी हो सकेगी।
विज्ञापन

अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) सुधीर राजपाल ने बताया कि यूनिक आईडी की मदद से अनियमितता की पहचान होगी। हर गर्भवती महिला को पहली तिमाही में स्वास्थ्य केंद्रों में पंजीकरण कराना होगा। यह डाटा सरकार के प्रजनन और बाल स्वास्थ्य (आरसीएच) पोर्टल में लॉग इन किया जाएगा, जो एक आईडी देगा। उन्होंने बताया कि जब गर्भवती महिला अल्ट्रासाउंड केंद्र जाएगी तो उसे पहले अपनी आईडी को स्कैन करवाना होगा। बिना उसके अल्ट्रासाउंड नहीं होगा। अल्ट्रासाउंड केंद्रों को अल्ट्रासाउंड करने से पहले गर्भावस्था आईडी को सत्यापित करना आवश्यक होगा। इससे महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य सेवा योजनाओं का भी लाभ पहुंचेगा। हालांकि पड़ोसी राज्य पंजाब में यह सुविधा काफी समय से है। गर्भावस्था पहचान पत्र में मेडिकल और व्यक्तिगत विवरण होगा। इसमें आधार नंबर, पता और पति का भी विवरण होगा।
विज्ञापन


गर्भवती महिलाओं को मिल चुकी है सहेली

जिन गर्भवती महिलाओं की पहले से ही बेटी है, उनकी देखभाल के लिए एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई है। सहेली के रूप में काम करने वाली ये कार्यकर्ता गर्भवती महिला के गर्भावस्था की पहली या दूसरी तिमाही से लेकर शिशु के सुरक्षित प्रसव तक निरंतर सहयोग और देखभाल करेंगी। प्रदेश सरकार ने ऐसी करीब 62 हजार महिलाओं की पहचान की है। इन सभी महिलाओं को सहेली प्रदान की गई हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें