एचएसवीपी की लापरवाही पर सेवा का अधिकार आयोग सख्त
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने फरीदाबाद के सेक्टर-89 स्थित प्लॉट संख्या 47 के आवंटी आयुष कटारिया की शिकायत पर सुनवाई करते हुए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है। शिकायतकर्ता ने आयोग को बताया कि उन्होंने नवंबर 2023 में एचएसवीपी की ई-ऑक्शन प्रक्रिया के माध्यम से प्लॉट खरीदा था और निर्धारित राशि सहित सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी थीं। इसके बावजूद लगभग ढाई साल बीत जाने के बाद भी उन्हें प्लॉट का वास्तविक कब्जा नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की ओर से कब्जा देने की कोई स्पष्ट समय सीमा नहीं बताई गई और न ही संतोषजनक जानकारी उपलब्ध कराई गई। आयोग ने यह भी कहा कि यदि निर्धारित समय पर कब्जा नहीं दिया जाता तो एचएसवीपी को आवंटी को देरी पर ब्याज देना चाहिए।
मामले में एस्टेट ऑफिसर-दो, एचएसवीपी फरीदाबाद की ओर से आयोग को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया कि साइट पर विकास कार्य अधूरे होने के कारण प्लॉट का कब्जा नहीं दिया जा सका। विभाग के अनुसार जलापूर्ति, सीवरेज और सड़क निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है लेकिन विद्युतीकरण का कार्य अभी लंबित है। इसी वजह से पहले जारी किया गया कब्जा प्रस्ताव वापस लेना पड़ा। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि बिना विकास कार्य कराए प्लॉटों की ई-ऑक्शन करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना रवैया है। आयोग ने आयुष कटारिया को 5,000 रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। एचएसवीपी को निर्देश दिया गया है कि यह राशि 15 दिनों के भीतर अदा कर 5 जून तक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।