- देशभर में बेहद खराब श्रेणी में 6 शहर इनमें हरियाणा के तीन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। दीपावली के तीसरे दिन प्रदूषण में कमी दर्ज की गई है। देशभर में वीरवार को छह शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 300 से पार दर्ज किया गया है जिसमें तीन शहर हरियाणा के हैं। देशभर में सबसे प्रदूषित शहर भी बहादुरगढ़ रहा जहां एक्यूआई 325 दर्ज किया गया। इसी तरह धारुहेड़ा में 322, धोलपुर में 311, दिल्ली में 305, जींद में 302 और नंदेसरी में 303 एक्यूआई दर्ज किया गया। हिसार में प्रदूषण कम करने के लिए एंटी स्मॉग गन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
2024 में दीपावली के पांचवें दिन से प्रदूषण में सुधार शुरू हुआ था। इस बार दीपावली के अगले दिन 21 अक्तूबर को हरियाणा के दो शहरों जींद में 421 और धारुहेड़ा में 412 एक्यूआई था। नारनौल में 390, रोहतक में 376, गुरुग्राम में 370, बहादुरगढ़ में 368, सिरसा में 353 व मानेसर में 320 एक्यूआई था। 22 अक्तूबर को 379 एक्यूआई के साथ रेवाड़ी का धारूहेड़ा देशभर में सबसे प्रदूषित रहा जबकि दूसरे नंबर पर दिल्ली रही जहां एक्यूआई 353 रहा। देश के 17 सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के नौ शहर शामिल रहे। रोहतक में 349, नारनौल में 332, भिवानी में 331, चरखी दादरी में 331, भिवानी में 323, यमुनानगर में 320, जींद में 319, अंबाला में 312 और फतेहाबाद में 305 एक्यूआई रहा।
प्रदूषित शहर जहां तीसरे दिन सुधार
23 अक्तूबर को हरियाणा के तीन शहरों में एक्यूआई 300 के पार रहा। कई शहरों में एक्यूआई 200 के नीचे आ गया है। वीरवार को अंबाला में 253, भिवानी में 202, चरखीदादरी में 268, फरीदाबाद में 198, फतेहाबाद में 286, गुरुग्राम में 208, करनाल में 183, कुरुक्षेत्र में 237, नारनौल में 65, पलवल में 120, पानीपत में 253, रोहतक में 299, सिरसा में 131, सोनीपत में 214 और यमुनानगर में 149 एक्यूआई दर्ज किया गया।
चंडीगढ़ पीजीआई के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रो. रविंद्र खैवाल ने हरियाणा में इस बार प्रदूषण का असर जल्द कम होने के मुख्य दो कारण बताए हैं। इनमें पहला लगातार हवा की गति 6 से 8 किलोमीटर प्रति घंटा और बीच-बीच में 12 किलोमीटर प्रति घंटा है। दूसरा कारण हरियाणा के साथ-साथ पंजाब व पाकिस्तान के पंजाब में पराली जलाने के मामले कम होना है। इसका असर प्रदूषण पर न के बराबर है।
चार दिन में 23 जगह जली पराली, अब तक 73 किसानों की रेड एंट्री
प्रदेशभर में 20 से 23 अक्तूबर तक कुल 22 जगह पराली जलाने के मामले रिकॉर्ड किए गए हैं। इनमें 20 अक्तूबर को 13, 21 अक्तूबर को 04, 22 अक्तूबर को 03 और 23 अक्तूबर को तीन जगह पराली जलाने के मामले आए हैं। अब तक सबसे ज्यादा जींद में 15 जगह पराली जलाने के केस मिले हैं। 23 अक्तूबर तक राज्य में 73 किसानों की रेड एंट्री हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा जींद में 29, करनाल में 09, फतेहाबाद, पलवल, सिरसा और यमुनानगर में क्रमश: 5-5 किसानों की रेड एंट्री हुई है। वीरवार को फतेहाबाद के टोहाना खंड के गांव हिमतपुरा में पराली जलाने पर किसान पर केस दर्ज किया गया है। यमुनानगर के गांव भोगपुर में पराली जलाने पर हलका पटवारी धर्मेंद्र सिंह की शिकायत पर किसान विक्रांत पर केस दर्ज किया गया है। कैथल जिले के ढांड पुलिस ने पबनावा निवासी अमित कुमार के खिलाफ धान अवशेषों में आग लगाने के आरोप में मामला दर्ज किया है।