मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सामुदायिक सहभागिता मजबूत करने और जन शिकायतों का समाधान करने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पुलिस अधिकारियों को अब लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान करना होगा। नागरिक-पुलिस संपर्क को औपचारिक बनाने के लिए सभी अधिकारियों को सार्वजनिक बैठकों के लिए निश्चित कार्यालय समय निर्धारित करना होगा। शिकायतें सुनने और उनका पारदर्शी तरीके से समाधान करने के लिए अधिकारियों को कार्य दिवसों में सुबह 11 से दोपहर 12 बजे तक और दोपहर 3 बजे से शाम 4 बजे तक अपने कार्यालयों में मौजूद रहना होगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को जारी आदेशों में पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनसंपर्क प्रयासों को तेज करें और लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावी कानून प्रवर्तन की नींव जनता के विश्वास पर टिकी है। कमिश्नर से लेकर डीएसपी तक हर पुलिस अधिकारी को लोगों की चिंताओं से गहराई से जुड़े रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों, युवाओं और स्थानीय समुदायों के साथ संपर्क से बढ़ाने से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और आपराधिक गतिविधियों जैसे मुद्दों से निपटने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के साथ खुला संवाद बनाए रखना और उनकी समस्याओं को सक्रियता से सुनना पुलिस कर्मियों की मुख्य जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिक-अनुकूल पुलिसिंग मॉडल अपनाने का आह्वान किया जहां त्वरित शिकायत निवारण राज्य में कानून प्रवर्तन कार्यों की रीढ़ बने। गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने पुलिस आयुक्तों, महानिरीक्षकों, डीसीपी, पुलिस अधीक्षकों और सहायक आयुक्तों, पुलिस उप अधीक्षकों सहित सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।
अधिकारियों को स्थानीय समुदायों के साथ अपने जुड़ाव को मजबूत करने के लिए गांवों में अनिवार्य रात्रि प्रवास सहित नियमित रूप से क्षेत्र का दौरा करने का का आदेश दिया है। उन्होंने निर्देश दिए कि अन्य सरकारी विभागों से संबंधित किसी भी शिकायत को त्वरित समाधान के लिए उपायुक्तों या संबंधित प्राधिकारियों को तुरंत भेजा जाना चाहिए। अधिकारियों को स्थापित मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार हरियाणा मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) एप्लीकेशन के माध्यम से विस्तृत रात्रि विश्राम रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी। निगरानी तंत्र को भी मजबूत करना होगा। अधिकारी गृह विभाग को द्वि-साप्ताहिक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।