हरियाणा पुलिस अब और हाईटेक होगी। पुलिस को अत्याधुनिक हथियार और उपकरण मिलेंगे। इनकी खरीद के लिए वीरवार को 22.09 करोड़ रुपये की मंजूरी भी मिल गई है। हरियाणा गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति (एसएलईसी) की बैठक में पुलिस बल के आधुनिकीकरण की योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में एडीजीपी एएस ढिल्लों और एचएस दून के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि पुलिस को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने का मकसद अपराध की रोकथाम और जांच में पारदर्शिता और तेजी लाना है। प्रदेश के 13 जिलों में ट्रांसमीटर को डिजिटल सिस्टम में बदला जा चुका है। सभी जिलों को इन्हीं सिस्टम से कवर किया जाएगा।
मशीनगन, चेहरे की तुलना कर पहचानने वाले उपकरण खरीदे जाएंगे
बैठक में मंजूर बजट से मशीन गन (सीक्यूबी), आधुनिक पिस्टल सहित दूसरे हथियार और अपराधी की छवि और वीडियो के साथ चेहरे की तुलना कर पहचानने वाले उपकरण की खरीद होगी। साथ ही फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में प्रयोग होने वाले आधुनिक उपकरण, हाई-टेक संचार व सुरक्षा सिस्टम के अतिरिक्त क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) और पुलिस प्रशिक्षण में शामिल उपकरण की खरीद की जाएगी। इन आधुनिक उपकरणों के संचालन को समझाने के लिए डोमेन सलाहकारों को लगाया जाएगा।
आधुनिक होंगी फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाएं
डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए 150 करोड़ रुपये की बजट की योजना है। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य की फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं को भी और आधुनिक बनाया जाएगा। आधुनिकता के दौर में पुलिस की जरूरतों की समीक्षा कर सरकार को सुझाव देने वाली एक टास्क फोर्स का गठन होगा। इसके लिए डाॅ. सुमिता मिश्रा ने डोमेन सलाहकारों की सलाह लेते हुए अधिकारियों को अगले एक माह के अंदर प्रस्ताव लेकर आने के निर्देश दिए हैं।