पंजाब की अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरी खबर यह है कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में एक साल के दौरान करीब सात फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि दूसरी ओर राज्य पर कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023-24 में पंजाब की प्रति व्यक्ति आय 2.01 लाख रुपये थी जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 2.16 लाख रुपये हो गई। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में आय और उपभोग क्षमता बढ़ी है लेकिन सरकारी वित्त पर दबाव भी लगातार बढ़ रहा है।
सिक्किम टॉप पर
रिपोर्ट के मुताबिक प्रति व्यक्ति आय के मामले में पंजाब की स्थिति उत्तर प्रदेश और बिहार से बेहतर है। उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 1.09 लाख रुपये और बिहार में 69,211 रुपये दर्ज की गई है। हालांकि पड़ोसी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से पंजाब अभी पीछे है। हिमाचल प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 2.58 लाख रुपये जबकि उत्तराखंड में 2.50 लाख रुपये है। देश में सबसे अधिक प्रति व्यक्ति आय सिक्किम की 6.46 लाख रुपये दर्ज की गई है।
अर्थशास्त्रियों के अनुसार प्रति व्यक्ति आय बढ़ने का अर्थ है कि लोगों की स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच मजबूत होती है। साथ ही उपभोग बढ़ने से बाजार में मांग बढ़ती है जिससे उद्योग और रोजगार को भी गति मिलती है।