- 19 प्रदेश उपाध्यक्ष , 30 प्रदेश महासचिव और 31 जिला अध्यक्ष घोषित
- अध्यक्ष पद के लिए पूर्व मंत्री के बेटे व भाजपा सांसद के दामाद निशित मजबूत दावेदार, सोमिल व मोहित भी दौड़ में
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़/रोहतक। हरियाणा युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों के लिए हुए चुनाव के परिणाम जारी हो गए हैं। अध्यक्ष को छोड़कर बाकी सभी पदाधिकारी निर्वाचित कर लिए गए हैं। अध्यक्ष पद के लिए तीन नामों का पैनल तय हुआ है जिसमें निशित कटारिया, सोमिल संधू व मोहित शर्मा हैं। 19 प्रदेश उपाध्यक्ष व सचिव, 30 प्रदेश महासचिव और 31 जिला अध्यक्ष घोषित कर दिए गए हैं। हैरानी की बात है जिन हिमानी नरवाल की हत्या हो चुकी है, सचिव पद पर उनका नाम भी है।
प्रदेशाध्यक्ष पद पर 20 आवेदकों में से चुने गए तीन युवा नेताओं में सबसे ज्यादा 29,893 मत निशित कटारिया को मिले हैं। वह पूर्व खेल मंत्री व कांग्रेस के दिग्गज नेता सुखबीर कटारिया के पुत्र और भाजपा के राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला के दामाद हैं। सोमिल संधू को 12,949 और मोहित शर्मा 7,519 मतों के साथ क्रमशः दूसरे व तीसरे स्थान पर हैं। इन तीनों के पैनल को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) को भेजा जाएगा। कमेटी की ओर तीनों के साक्षात्कार के बाद किसी एक को अध्यक्ष घोषित किया जाएगा। ज्यादा मत मिलने के आधार पर निशित की दावेदारी सबसे मजबूत है। निर्वाचित पदाधिकारी मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा से मिलने पहुंचे, जहां हुड्डा ने सभी पदाधिकारियों को बधाई दी।
मृत कांग्रेस नेता हिमानी नरवाल को राज्य सचिव के पद के लिए सबसे ज्यादा 26 मत मिले हैं। जैसे ही सूची सार्वजनिक हुई, हिमानी नरवाल को सचिव निर्वाचित किए जाने की खूब चर्चा होने लगी। कांग्रेस की इस सूची पर भाजपा ने चुटकी ली कि पार्टी को अपने संगठन का ही पता नहीं। सोशल मीडिया पर भाजपा की तरफ से कांग्रेस शर्मनाक का पोस्टर अपलोड किया गया। इस पर कांग्रेस ने तुरंत भूल सुधार करते हुए कहा कि हिमानी का नाम सूची से हटाकर दूसरे स्थान पर रहने वाली उम्मीदवार को राज्य सचिव निर्वाचित करने का फैसला लिया गया है लेकिन देर शाम तक कोई नाम घोषित नहीं किया जा सका।
28 फरवरी को हिमानी की मौत...फिर भी आवेदन नहीं हटा
युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों के लिए 20 दिसंबर 2024 तक आवेदन किए गए थे। हिमानी नरवाल ने भी आवेदन किया था। 16 जनवरी तक सदस्यता भुगतान किया गया। 19 मई को आवेदनों की छंटनी की गई। आवेदनों की छंटनी में भी हिमानी का आवेदन हटाया नहीं गया। 16 जून को परिणाम जारी किया गया। हिमानी की हत्या 28 फरवरी को हो चुकी थी, एक मार्च को उसका शव मिला था। फिर भी हिमानी के नाम को सचिव पद के लिए रखा गया।
कांग्रेस नेताओं की विरोधाभासी सफाई
क्या सूची जारी बनाने से पहले किसी ने यह देखा नहीं कि मृत नेता का भी नाम इसमें है? इस पर कांग्रेस के मीडिया प्रभारी व चुनाव अधिकारी विरोधाभासी सफाई दे रहे हैं। मीडिया प्रभारी चांदवीर हुड्डा ने कहा कि चुनाव में हिमानी नरवाल ने आवेदन किया था और उसी आधार पर परिणाम घोषित हुए हैं। दूसरी तरफ चुनाव अधिकारी अरुण कुमार ने कहा कि हिमानी ने राज्य सचिव का चुनाव लड़ा था, लेकिन चुनाव प्रक्रिया के बीच में ही उनकी हत्या कर दी गई। उनका नाम केवल चुनाव लड़ने वालों की सूची में है। चांदवीर का कहना है कि यह प्रक्रिया दिसंबर 2024 से चल रही है, जिसमें हिमानी ने आवेदन करने के साथ अपने हल्के में सदस्यों के मत बनवाने से लेकर मतदान तक पूरा करवाया था। इसके बाद सिर्फ परिणाम जारी हुआ है।
कांग्रेस का संगठन हवा-हवाई, इन्हें पता नहीं कि पार्टी में कौन जिंदा, कौन मृत : विज
हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि जिस पार्टी में संगठन के पिछले 11 साल से चुनाव नहीं हुए, वह आनन-फानन में अपना संगठन बना रहे हैं। उनका संगठन हवा-हवाई है। इसलिए, मृतक को भी पद दे दिया। उन्हें पता ही नहीं कि इनकी पार्टी में कौन जिंदा है, कौन मृत है।