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Chandigarh-Haryana News: धान की उठान तेज, बाजरा अभी मंडियों में पड़ा

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- खाद्य आपूर्ति विभाग का दावा, 13.63 लाख मीट्रिक टन धान पहुंचा, 55.15 प्रतिशत की उठान
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- बाजरा की खरीद से लेकर उठान का कार्य बेहद सुस्त, बरसात के अलर्ट से किसान चिंतित
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा की मंडियों और क्रय केंद्रों से धान की खरीद के साथ उठान कार्य में तेजी आई है लेकिन अभी भी बाजरा मंडियों में ही पड़ा है। बरसात के अलर्ट को देखते हुए किसान चिंतित हैं क्योंकि उन्हें डर है कि बाजरा बरसात के कारण पहले ही खराब हो चुका है। बरसात से फसल दोबारा से भीग गई तो खरीद करने वाली एजेंसियां बाजरा नहीं खरीदेंगी। वहीं, खाद्य आपूर्ति विभाग ने दावा किया है कि अभी तक 73.19 प्रतिशत धान की खरीद हो चुकी है जबकि 55.15 प्रतिशत धान उठान हुई है।
खाद्य आपूर्ति विभाग के अनुसार, रविवार रात 8 बजे तक क्रय केंद्रों और मंडियों में 1363963.99 मीट्रिक टन धान पहुंचा। 998262.12 मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है और अभी तक 550522.24 मीट्रिक टन यानी कुल 55.15 प्रतिशत धान की उठान हो चुकी है।
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72 हजार मीट्रिक टन पहुंचा बाजरा, उठान नहीं
प्रदेश की मंडियों व क्रय केंद्रों में रविवार तक 72264.39 मीट्रिक टन बाजरा पहुंच गया है। रविवार को फरीदाबाद, फतेहाबाद, गुरुग्राम, हिसार, झज्जर, जींद, पलवल, रोहतक, सोनीपत जिलों में करीब 2204.27 मीट्रिक टन बाजरा पहुंचा। शेष जिलों की मंडियों व क्रय केंद्रों पर बाजरा पहुंचा ही नहीं। अभी तक हैफेड ने 6.90 मीट्रिक टन और एचएसडब्ल्यूसी के माध्यम से 239.10 मीट्रिक टन बाजरा की खरीद की गई है।
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किसान बोले, पंजीकरण न होने से परेशानी
पंचकूला की मंडी में धान लेकर पहुंचे पिजाैंर के चरनिया गांव निवासी किसान हरपाल ने बताया कि उन्होंने 8 एकड़ में धान बीजा है। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पर पंजीकरण आठ के बजाय दो-तीन एकड़ ही जमीन का हुआ है। इस तरह से 200 क्विंटल के बजाय करीब 83 ही क्विंटल धान की बिक्री कर सकेंगे। वहीं, चरनिया के ही किसान अमरीक ने बताया कि उन्होंने 20 एकड़ में धान की रोपाई की थी लेकिन धान बिक्री के लिए उन्हें परेशानी होगी। मेरी फसल-मेरा ब्योरा के माध्यम से पंजीकरण कम जमीन का हुआ। इस कारण शेष धान की बिक्री कैसे होगी। यही कारण है कि आढ़तियों से संपर्क किया है। इसी तरह से दूसरे कुछ किसानों ने समस्या बताई।
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