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Chandigarh-Haryana News: धान की खरीद कल से, 17 फीसदी नमी की छूट, खरीफ की बाकी फसलों की एक अक्तूबर से

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सभी जिलों में वरिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटी लगाई, मंडियों का दौरा करेंगे, किसानों की शिकायतें सुनेंगे
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राइस मिलर्स के लिए चावल की डिलीवरी अवधि और बोनस राशि की अवधि भी बढ़ाई

चंडीगढ़। हरियाणा में धान की खरीद 22 सितंबर यानी सोमवार से शुरू हो जाएगी। शनिवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पहले नवरात्र से खरीद शुरू करने का एलान किया। पिछले साल खरीद 23 सितंबर से शुरू हुई थी जबकि इस बार सरकार ने किसानों की मांग को देखते हुए एक दिन पहले की ही मंजूरी दे दी है। बाकी खरीफ फसलों की खरीद अपने नियत समय एक अक्तूबर से शुरू होगी। बारिश व जलभराव की स्थिति देखते हुए इस बार धान पर 17 फीसदी और बाजरे पर 13 फीसदी नमी की छूट रहेगी।

किसानों को फसल बेचने में कोई परेशानी न आए, इसके लिए सभी 22 जिलों में एक-एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी की ड्यूटी भी लगाई गई है। ये अधिकारी मंडियों व खरीद केंद्रों का दौरा करेंगे। इसके अलावा किसानों को मिलने वाली सुविधाओं, खरीद कार्यों की निगरानी व किसानों की शिकायतों का तुरंत निपटारा करेंगे। सरकार का मानना है कि वरिष्ठ अधिकारियों की प्रत्यक्ष निगरानी से मंडियों में भीड़ प्रबंधन, तौल प्रक्रिया, भुगतान प्रणाली और ट्रांसपोर्टेशन जैसे मुद्दों का समय रहते हल हो सकेगा।
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सीएम सैनी ने प्रेसवार्ता में साफ किया कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसल खरीदना बंद नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष एमएसपी बंद करने की केवल अफवाह फैलाता है। साल 2014 में धान (कॉमन) का एमएसपी 1360 रुपये प्रति क्विंटल था, जो अब बढ़कर 2369 रुपये हो चुका है। धान ग्रेड-ए का एमएसपी भी 1400 से बढ़कर 2389 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है।

दूसरी ओर मंडियों में खरीफ की फसलें पहुंचना शुरू हो गया है। हिसार की नई अनाजमंडी में 500 क्विंटल व फतेहाबाद में 350 क्विंटल से ज्यादा बाजरा पहुंच चुका है। इसी तरह चरखी दादरी में 1200-1200 क्विटंल बाजरा और कपास की आवक रही। भिवानी की मंडी में ढाई हजार क्विंटल बाजरा पहुंचा है। रोहतक, सोनीपत व जींद की मंडियों में अभी फसलें नहीं पहुंची है लेकिन मार्केटिंग बोर्ड व खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने तैयारी कर ली है। हैफेड के डीएम उमाकांत शर्मा ने बताया कि मंडियों में अभी तक पीआर धार व बाजरा नहीं आया है।



दावा : सभी मंडियों में पर्याप्त बारदाना
खरीद शुरू होने से दो दिन पहले सरकार ने दावा किया कि प्रदेश की सभी मंडियों में मानक के अनुसार पर्याप्त मात्रा में बारदाना है। सरकार ने पिछले सीजन में बारदाने की समस्या से सबक लेते हुए इस सीजन में पहले ही मंडियों तक पर्याप्त मात्रा में बारदाने की मौजूदगी सुनिश्चित कर दी है। रोहतक में बारदाने के 700 बेल व झज्जर में कोलकाता से 1600 बेल पहुंच गए है। एक बेल में 500 बैग बारदाना के होते हैं। झज्जर अनाज मंडी में अब तक कांटा चालू नहीं हुआ है।सोनीपत में भी हैफेड के पास बाेरे की 900 गांठ और हरियाणा वेयरहाउस कार्पोरेशन के पास 700 गांठ उपलब्ध हैं।


प्रबंध : मंडी में 24 घंटे एक निरीक्षक रहेगा
- प्रत्येक मंडी में एक निरीक्षक 24 घंटे ड्यूटी पर रहेगा और ड्यूटी में कोताही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

-किसानों को एसएमएस से जानकारी दी जाएगी कि उनकी फसलें किस मंडी में खरीदी जाएंगी।

-साथ ही किसानों के मोबाइल पर गेट पास, मंडियों में स्कैनर की सुविधा भी उपलब्ध होगी।




लक्ष्य : 60 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जाएगा

मंडी बोर्ड के अनुसार इस बार धान खरीद का लक्ष्य लगभग 60 लाख मीट्रिक टन है। इसमें खरीद एजेंसियों की हिस्सेदारी लगभग 54 लाख मीट्रिक टन होगी। खरीफ विपणन सत्र 2025-26 के दौरान खरीद एजेंसियां केंद्रीय पूल में 36 लाख मीट्रिक टन कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) का योगदान देंगी।


फसल : समर्थन मूल्य (प्रति क्विंटल)

धान (कॉमन) - 2369 रुपये

ग्रेड-ए धान - 2389 रुपये

बाजरा - 2775 रुपये

मक्का - 2400 रुपये

मूंग - 8768 रुपये


पंचकूला जिले का प्रबंध खुद गृह सचिव देखेंगी

पलवल : सुधीर राजपाल
पंचकूला : डॉ. सुमिता मिश्रा
सोनीपत : पंकज अग्रवाल
महेंद्रगढ़ : राजा शेखर वुंडरू
फतेहाबाद : विनीत गर्ग
कुरुक्षेत्र : जी अनुपमा
पानीपत : अपूर्वा कुमार सिंह
यमुनानगर : अरुण कुमार गुप्ता
भिवानी : अनुराग अग्रवाल
सिरसा : विजेंदर कुमार
चरखी दादरी : डी. सुरेश
जींद : राजीव रंजन
कैथल : विकास गुप्ता
अंबाला : विजय कुमार दहिया
हिसार : अमनीत पी. कुमार
झज्जर : टी एल सत्यप्रकाश
रेवाड़ी: मोहम्मद शाइन
फरीदाबाद :डॉ. अमित कुमार अग्रवाल
रोहतक : संजय जून
गुरुग्राम : आशिमा बराड़
करनाल : सीजी रजनी कांथन
नूंह : फूलचंद मीणा


चावल मिलर्स को राहत, डिलीवरी व बोनस अवधि बढ़ाई

सरकार ने राइस मिलर्स के लिए चावल की डिलीवरी अवधि और बोनस राशि की अवधि 15 मार्च 2025 से बढ़ाकर 30 जून 2025 कर दी है। सीएम ने बताया कि इस फैसले से प्रदेश की 1000 मिलों को लाभ होगा और उन्हें बोनस राशि के अतिरिक्त लगभग 50 करोड़ रुपये के होल्डिंग चार्जेस में भी छूट मिलेगी। भारतीय खाद्य निगम की तरफ से चावल की डिलीवरी लगभग 45 दिन देरी से शुरू किए जाने के कारण मिलर्स समय पर काम पूरा नहीं कर पाए, इसी कारण यह राहत दी गई है। हरियाणा प्रदेश राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन के प्रधान हंसराज ने बताया कि सरकार ने राइस मिलर्स के हक में अहम फैसला लिया है। इसकी काफी समय से एसोसिएशन मांग भी करती रही है। इस फैसले से प्रदेश के प्रत्येक मिलर्स के पांच से 10 लाख के बीच फायदा होगा।



फायदा : सोयाबीन, काला तिल और दालों पर मिलेगा बोनस

किसानों को सोयाबीन, काला तिल, उड़द और अरहर जैसी फसलों की ओर प्रोत्साहित करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है। इन फसलों की खरीद पर सरकार बोनस देगी। सोयाबीन को पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों का प्रमुख स्रोत बताकर सरकार इसके उत्पादन पर विशेष जोर दे रही है।
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खरीफ सीजन किसानों और सरकार दोनों के लिए अहम होता है। सरकार का प्रयास है कि हरियाणा के किसानों को पारदर्शी और समयबद्ध खरीद प्रणाली मिले। वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होने से मंडियों में शिकायतों का निपटारा मौके पर ही हो सकेगा।
- नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री हरियाणा।
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