- प्रदेशभर में मात्र 5-10 फीसदी धान की फसल बौनापन के प्रकोप से खराब
- साउथर्न राइस ब्लैक-स्ट्रिक ड्वार्फ वायरस को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर कृषि मंत्री का जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। इनेलो के विधायक अर्जुन चौटाला के साउथर्न राइस ब्लैक-स्ट्रिक ड्वार्फ वायरस को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर सदन में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने जवाब दिया। उन्होंने बताया कि 40 लाख एकड़ में बोई धान की फसल में 92,000 एकड़ वायरस से प्रभावित हुई लेकिन इसमें मात्र 5-10 फीसदी धान की फसल बौनापन के प्रकोप से खराब हुई है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार प्रभावित जिलों में 656 एकड़ में धान का फिर से रोपण किया गया है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला का ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी जोड़ा गया था।
मंत्री ने बताया कि इस वायरस की रोकथाम के लिए 235 जगहों पर अभियान चलाकर 5,637 किसानों को जागरूक किया गया। जैविक खेती और धान की सीधी बिजाई में इस वायरस से नुकसान की कोई सूचना नहीं है। एचएयू के वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों ने सर्वेक्षण किया है जिसमें तथ्य आया कि यह रोग सबसे अधिक हाइब्रिड धान की किस्मों में पाया गया। उसके बाद परवल (गैर-बासमती) और फिर बासमती धान की किस्मों में इसकी समस्या मिली है। इस पर कांग्रेस विधायक आदित्य ने सवाल पूछा कि त्वरित प्रतिक्रिया दल का गठन अभी तक नहीं हुआ और मुआवजे की कोई घोषणा नहीं की गई है। क्या अगले 15 दिनों में टीम का गठन होगा और किसानों को मुआवजा देने की तिथि कब तय होगी?