हरियाणा मानवाधिकार आयोग (एचएचआरसी) ने राज्य के सभी 22 जिलों में वृद्धाश्रमों के निर्माण की स्थिति की समीक्षा की। रिपोर्ट के अनुसार एक अप्रैल तक केवल रेवाड़ी में वृद्धाश्रम चालू है, जिसका उद्घाटन 6 जनवरी 2023 को हुआ था। वहीं झज्जर, पलवल, पानीपत, रोहतक और सिरसा में अभी तक भूमि की पहचान नहीं हो सकी है।
गुरुग्राम, कैथल, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ और नूंह में भूमि चिन्हित कर ली गई है, निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। जबकि फरीदाबाद, फतेहाबाद, हिसार, जींद, कुरुक्षेत्र, सोनीपत और यमुनानगर में निर्माण कार्य के लिए टाउन प्लानिंग विभाग की मंजूरी लंबित है। करनाल (स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत) और पंचकूला (माता मनसा देवी ट्रस्ट के तहत) में वृद्धाश्रम निर्माण कार्य प्रगति पर है।
रेवाड़ी वृद्धाश्रम का वर्चुअल निरीक्षण आयोग द्वारा किया गया, जिसमें पाया गया कि 170 लोगों की क्षमता वाले भवन में मात्र 12 बुजुर्ग (9 पुरुष, 3 महिलाएं) रह रहे हैं। वहां सफाई, रसोई और शौचालयों की स्थिति खराब पाई गई। केवल एक सफाई सेवक नियुक्त है, जो अपर्याप्त है।
चेयरपर्सन जस्टिस ललित बत्रा के साथ दोनों सदस्यों कुलदीप जैन और दीप भाटिया के फुल कमीशन ने वरिष्ठ नागरिक अधिनियम, 2007 की धारा 19 का हवाला देते हुए कहा कि प्रत्येक जिले में कम से कम एक वृद्धाश्रम होना अनिवार्य है। वृद्धों के सम्मान और जीवन की गरिमा सुनिश्चित करने हेतु सरकार की जिम्मेदारी तय की गई।
हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने अतिरिक्त मुख्य सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, मुख्य प्रशासक, एचएसवीपी, पंचकूला, निदेशक, विकास एवं पंचायत विभाग, निदेशक, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने और व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। हरियाणा मानवाधिकार आयोग के प्रोटोकॉल, सूचना व जनसंपर्क अधिकारी डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि इन अधिकारियों से 29 जुलाई तक विस्तृत कार्यवाही रिपोर्ट मांगी गई है।