शिक्षा विभाग ने 3134 निजी स्कूलों का एमआईएस पोर्टल किया बंद
एसएलसी के बगैर दूसरे स्कूल में दाखिला नहीं मिलता
चंडीगढ़। प्रदेश में शैक्षणिक सत्र शुरू हुए एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन तकरीबन 45 हजार विद्यार्थी दाखिले के लिए भटक रहे हैं। इसकी वजह है कि प्रदेश के 3134 स्कूलों के विद्यार्थियों को स्कूल स्थानांतरण प्रमाणपत्र (एसएलसी) जारी नहीं हो पाए रहे हैं। इस संबंध में हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ ने दलील दी है कि शिक्षा विभाग के उनके मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एमआईएस) पोर्टल बंद करने के कारण एसएलसी जारी नहीं कर पा रहे हैं। शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत 25 फीसदी सीटें खाली नहीं दिखाने के कारण शिक्षा विभाग ने 3134 स्कूलों का एमआईएस पोर्टल बंद किया था।
हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने बताया कि 6 मई को उनका प्रतिनिधिमंडल मौलिक शिक्षा विभाग के निदेशक विवेक अग्रवाल व सहायक निदेशक विरेंद्र गोदारा से मिला था। उन्हें एसएलसी के कारण विद्यार्थियों के दाखिले की समस्या बताकर एमआईएस पोर्टल खोलने का आग्रह किया गया था। निदेशक ने दो दिन के लिए पोर्टल खोलने का आश्वासन भी दिया था। इसके बावजूद अभी तक पोर्टल नहीं खुला है।
क्या है एसएलसी
जब किसी विद्यार्थी को अपना वर्तमान स्कूल छोड़कर दूसरे स्कूल में दाखिला लेना होता है तो स्कूल की तरफ से स्थानांतरण प्रमाण पत्र (स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट-एसएलसी) की आवश्यकता होती है। इसी आधार पर विद्यार्थी को दूसरा स्कूल दाखिला देता है। एमआईएस पोर्टल पर जाकर विद्यार्थी का एसएलसी निकाला जाता है।
टोहाना के मॉडल केएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बेटा रविंदर कुमार पढ़ता है। अब इस साल से उसका दाखिला दूसरे स्कूल में करवाना है, लेकिन स्कूल की तरफ से स्थानांतरण प्रमाण पत्र नहीं मिलने से बेटे का दाखिला दूसरे स्कूल में रुका हुआ है।
अमन कुमार,अभिभावक, फतेहाबाद
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निजी स्कूलों के लिए निर्धारित समय के अतिरिक्त दो बार एमआईएस पोर्टल खोलने की तारीख बढ़ाई गई थी। इसके बावजूद अगर विद्यार्थियों या अभिभावकों को किसी तरह की दिक्कत आ रही होगी तो उसका निदान जरूर किया जाएगा।
पंकज अग्रवाल, सचिव, शिक्षा विभाग