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Chandigarh-Haryana News: 84 के दंगों में मारे गए 121 लोगों के एक सदस्य को मिलेगी सरकारी नौकरी

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हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की घोषणा
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सीईटी पर सीएम बोले, अभ्यार्थी नहीं विपक्ष भटका, एक-दो दिन में करेक्शन पोर्टल खोलेंगे

अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। 1984 के दंगों में मारे गए हरियाणा के 121 लोगों के परिवार के एक सदस्य को सरकार नौकरी देगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को विधानसभा के मानसून सत्र में यह घोषणा की। उन्होंने सदन में बताया कि पीड़ित परिवारों से परिवार के एक सदस्य का नाम अपने जिले के उपायुक्त के माध्यम से राज्य के मुख्य सचिव को भिजवाने का अनुरोध किया गया है। इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से दिशा-निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। इसके अलावा सत्र के दूसरे दिन सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) को लेकर सदन में हंगामा हुआ। कांग्रेस के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने मोर्चा संभाला और एक-एक सवाल का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सीईटी का करेक्शन पोर्टल एक-दो दिन में खोल दिया जाएगा।
मानसून सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस विधायक शीशपाल केहरवाला के सीईटी को लेकर लगाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई। विधायक केहरवाल ने सीईटी में प्रश्नपत्र कठिन रखने, अभ्यार्थियों के भटकने और नॉर्मलाइजेशन का स्पष्टीकरण नोटिस जारी नहीं करने पर सवाल पूछे। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सीईटी के लिए प्रदेशभर में की गई व्यवस्था की भूरी-भूरी प्रशंसा हुई है। सरकार की व्यवस्था की वजह से न छात्र भटके और न अभिभावक, बल्कि पता नहीं कैसे विपक्षी दलों के नेता भटक गए। सीएम ने कहा कि सीईटी के संबंध में करेक्शन पोर्टल एक-दो दिन में खोल दिया जाएगा। इसमें अभ्यर्थियों को त्रुटि सुधार के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा।
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सीएम ने कहा कि सीईटी के लिए कुल 13,48,893 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 12,46,497 ने परीक्षा में भाग लिया। पहली बार लगभग 92 फीसदी अभ्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। विपक्ष के सरल पोर्टल पर सवाल उठाने पर सीएम ने कहा कि परीक्षा में अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित 1,87,000 अभ्यार्थियों ने पोर्टल से फॉर्म डाउनलोड कर सफलतापूर्वक अपलोड किए।
प्रश्नपत्र कठिन होने पर उन्होंने कहा कि यह सरकार नहीं बल्कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी तय करती है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने 11 जुलाई को जारी सार्वजनिक नोटिस से नॉर्मलाइजेशन का फार्मूला लागू करने वाले सभी संबंधितों को सूचित कर दिया था। सीएम ने बताया कि 26 जुलाई को सुबह के सत्र में कुछ परीक्षा केंद्रों पर इंटरनेट की समस्या के कारण बायोमीट्रिक सत्यापन में परेशानी आई थी जिसे परीक्षा शुरू होने से पहले ही हल कर लिया गया। उन्होंने कहा कि यदि कुछ अभ्यर्थियों की बायोमीट्रिक की समस्या रह गई है तो परीक्षा के दौरान ली गई फोटो और सीसीटीवी फुटेज के मिलान व बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया के बाद ही आयोग उनका परिणाम जारी करेगा। परीक्षा के सफल आयोजन के लिए सीएम ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग, सभी अधिकारियों-कर्मचारियों, स्वयंसेवकों सहित हरियाणा रोडवेज के स्टाफ के साथ उस आम लोगों को धन्यवाद दिया।

दंगे में 20 गुरुद्वारे और 221 मकान जलाए गए
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन को बताया कि 1984 में हुए दंगों में राज्य के 20 गुरुद्वारों, 221 मकानों, 154 दुकानों, 57 फैक्टरियों, ट्रेन के तीन डिब्बों और 85 वाहनों को जला दिया गया था। 58 लोग घायल हुए और 121 लोगों की मृत्यु हुई थी। उन्होंने कहा कि अब राज्य सरकार इन पीड़ितों का ख्याल रखेगी और उनके एक सदस्य को नौकरी देगी।
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गुरु तेग बहादुर का 350 वां शहीदी पर्व गरिमा से मनाएगा हरियाणा

हरियाणा से रहा गुरु जी का विशेष जुड़ाव, शहीद कुशाल दहिया का बलिदान सर्वोच्चः सैनी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। विधानसभा में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया। यह प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस वर्ष नौवें सिख गुरु और हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहीदी जयंती है। सदन ने श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदान के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त की और इस ऐतिहासिक अवसर को गरिमा और भावपूर्ण तरीके से मनाने का संकल्प भी लिया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सदन यह भी स्मरण करता है कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने अपना जीवन मानवता की गरिमा और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए न्यौछावर किया था। सौभाग्य से श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी का हरियाणा की भूमि से गहरा जुड़ाव रहा। अपनी यात्राओं के दौरान गुरु साहिब ने कुरुक्षेत्र, पिहोवा, कैथल, जींद, अंबाला, चीका और रोहतक में आकर इस भूमि को पवित्र किया और सत्य, सहनशीलता और निर्भयता का शाश्वत संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह सदन सोनीपत जिले के गांव बड़खालसा के शहीद कुशाल सिंह दहिया जी के सर्वोच्च बलिदान को भी याद करता है। इतिहास में दर्ज है श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के शीश को ले जाते हुए जब भाई जैता जी को बड़खालसा गांव में मुगल सेना ने घेर लिया था, तब कुशाल सिंह दहिया जी ने मुगल सैनिकों को भ्रमित करने के लिए अपना शीश अर्पित कर दिया।
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