राहुल ने कहा-कांग्रेस सिर्फ 22 हजार 779 वोटों से हारी विधानसभा चुनाव हारी
अशीष वर्मा
चंडीगढ़। बिहार चुनाव से ठीक एक दिन पहले राहुल गांधी ने बीते साल हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर खुलासा किया है। अपनी प्रेस कांफ्रेंस में हरियाणा की जिन आठ सीटों का उन्होंने जिक्र किया, उनमें से दो सीटों पर भाजपा ने पहली बार कमल खिलाया था। वहीं, एक सीट पर अभी तक सिर्फ दो बार जीत दर्ज की है। राहुल का आरोप है कि इन आठ सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार कुल 22 हजार 779 वोटों से हारे थे। इनमें से एक सीट पर कांग्रेस मात्र 32 वोटों से हारीं। यदि इतने वोट मिलते तो कांग्रेस जरूर जीत हासिल करती।
राहुल ने जिन सीटों का जिक्र किया है उनमें उचानाकलां में कांग्रेस 32 वोट, चरखी दादरी में 1957 वोट, असंध में 2306 वोट, होडल में 2595 वोट, महेंद्रगढ़ में 2648 वोट, सफीदों में 4037 वोट, घरौंडा में 4531 वोट और राई में 4673 वोटों से पार्टी चुनाव हार गई थी। इनमें दादरी विधानसभा और सफीदों विधानसभा सीट पर पहली बार भाजपा ने कमल खिलाया। दादरी से भाजपा के सुनील सांगवान ने कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. मनीषा सांगवान को मात्र 1957 वोटों के अंतर से हराया। सफीदों विधानसभा सीट पर भाजपा के रामकुमार गौतम ने कांग्रेस के सुभाष गांगोली को 4037 वोटों से जीत हासिल थी। उचानाकलां विधानसभा में भाजपा ने दूसरी बार कमल खिलाया था। भाजपा के देवेंद्र अत्री ने कांग्रेस उम्मीदवार बृजेंद्र सिंह को मात्र 32 वोटों से चुनाव हराया।
डबवाली विधानसभा का जिक्र नहीं किया
राहुल ने डबवाली विधानसभा के चुनाव परिणाम का जिक्र नहीं किया। डबवाली में भी कांग्रेस को मामूली वोटों से चुनाव हारना पड़ा था। कांग्रेस उम्मीदवार अमित सिहाग को इनेलो के आदित्य देवीलाल ने 610 वोटों से हराया था। यह सीट कांग्रेस के लिए काफी महत्वपूर्ण थी। 2019 में कांग्रेस के अमित सिहाग ने जीती थी। मगर प्रेस वार्ता में राहुल गांधी ने इस सीट का जिक्र नहीं किया।
भाजपा भी कई सीटें मामूली अंतर से हारी
कांग्रेस के अलावा भाजपा को भी कई सीटों पर मामूली हार का सामना करना पड़ा। इनमें लोहारू में भाजपा के पूर्व मंत्री जेपी दलाल को 792 वोट, आदमपुर में भव्य बिश्नोई को 1268 वोट, रोहतक में मनीष ग्रोवर को 1341 वोट, पंचकूला में पूर्व स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता 1997, फतेहाबाद में दुड़ाराम 2252 वोट व थानेसर में सुभाष सुधा 3242 वोटों से हारे थे।