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Chandigarh-Haryana News: निकाय चुनाव के लिए पर्यवेक्षक और नोडल अधिकारी नियुक्त

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48 घंटे के भीतर शिकायतों का करना होगा निपटारा
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नगर निकाय चुनावों को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोग चुनाव ने पर्यवेक्षकों व शिकायत नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। इसके तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा और हरियाणा सिविल सेवा के अधिकारियों को सामान्य पर्यवेक्षक, भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों को पुलिस पर्यवेक्षक व आबकारी एवं कराधान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को व्यय पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आयोग के अनुसार अंबाला नगर निगम के लिए संजीव वर्मा को सामान्य पर्यवेक्षक, ओम प्रकाश को पुलिस पर्यवेक्षक और जितेंद्र डूडी को व्यय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है जबकि शिकायत नोडल अधिकारियों के रूप में अभिषेक गर्ग, मनीष घाघट और सौरभ गोयल को जिम्मेदारी दी गई है। सोनीपत में वैशाली सिंह, राजेंद्र कुमार मीणा और अरविंद को क्रमशः सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षक बनाया गया है जबकि सुशील शर्मा शिकायत नोडल अधिकारी होंगे। पंचकूला में डी. सुरेश, अभिषेक जोरवाल और हरवीर सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है तथा सुखदेव सिंह को शिकायत नोडल अधिकारी बनाया गया है।
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रेवाड़ी नगर परिषद के लिए जग निवास, सुरेंद्र पाल सिंह और प्रीति चौधरी को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है जबकि जितेंद्र कुमार को रेवाड़ी और धारूहेड़ा दोनों के लिए शिकायत नोडल अधिकारी बनाया गया है। उकलाना में उत्सव आनंद, ममता खरब और अजय सिहाग को पर्यवेक्षक तथा धर्मेंद्र को शिकायत नोडल अधिकारी बनाया गया है। सांपला में नरेंद्र कुमार, फैसल खान और हनीश गुप्ता को पर्यवेक्षक तथा जोगिंदर मोर को शिकायत नोडल अधिकारी बनाया गया है। धारूहेड़ा के लिए तरुण कुमार पवारिया, संगीता कालिया और प्रीति चौधरी को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त पंचकूला स्थित आयोग मुख्यालय में सहायक राज्य निर्वाचन आयुक्त अंजु अरोड़ा को केंद्रीय शिकायत नोडल अधिकारी बनाया गया है जो सभी शिकायतों के समन्वय का कार्य करेंगी।
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शिकायतों का 48 घंटे में करें समाधान

आयोग ने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे चुनाव से पहले और चुनाव के दौरान मिलने वाली शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करें और संभव हो तो 48 घंटे के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए। हर अधिकारी के अधीन शिकायत निवारण प्रकोष्ठ स्थापित किया जाएगा और सभी शिकायतों का रिकॉर्ड रखा जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
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