चंडीगढ़। राजकीय महाविद्यालयों में नियमित प्राचार्य न होने की स्थिति में नजदीकी महाविद्यालय के प्राचार्य अथवा उसी महाविद्यालय के वरिष्ठतम प्राध्यापक को आहरण एवं वितरण शक्तियां प्रदान कर दी हैं। ऐसे में प्राचार्य की अनुपस्थिति में स्टाफ की सेलरी, छात्रों की फीस, बिजली बिल आदि को लेकर दिक्कतें नहीं आएंगी। हरियाणा राज्य के सभी महाविद्यालयों को उच्चतर शिक्षा महानिदेशक ने पत्र जारी करके आदेशों का पालन करने को कहा है।