- निरीक्षण अड़चनें होंगी कम, हरियाणा फायर एवं इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट 2022 अधिसूचित
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश सरकार ने जन सुरक्षा को मजबूत करने और सुशासन को सरल बनाने की दिशा में फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट (एफएससी) के निकासी और नवीनीकरण की प्रक्रिया में बड़ा सुधार किया है। संशोधित प्रक्रिया के तहत अब नए आवेदन और नवीनीकरण दोनों के लिए फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वचालित रूप से जारी किए जाएंगे बशर्ते आवेदन एम्पैनल्ड एजेंसी की प्रमाणन रिपोर्ट द्वारा समर्थन किया गया हो। इस सुधार से निरीक्षण से जुड़े अवरोधों में कमी आएगी और आवेदकों के लिए पूरी प्रक्रिया पहले से अधिक आसान बनेगी।
हरियाणा फायर एवं इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट, 2022 के तहत तैयार किए गए नए दिशा-निर्देशों को 9 दिसंबर 2025 को औपचारिक रूप से अधिसूचित किया गया है। यह नीति तकनीक आधारित, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था प्रस्तुत करती है जिससे फायर सेफ्टी प्रशासन में नया मानक स्थापित होगा। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इस प्रणाली का उद्देश्य सुरक्षा मानकों से समझौता किए बिना सेवाओं की त्वरित आपूर्ति सुनिश्चित करना है। प्रमाणपत्र जारी होने के 30 दिनों के भीतर 25 फीसदी मामलों में फायर अधिकारी व 10 फीसदी मामलों में संयुक्त निदेशक (तकनीकी) द्वारा अनिवार्य भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसमें एम्पैनल्ड एजेंसी का चयन ऑनलाइन सिस्टम द्वारा रैंडम तरीके से किया जाएगा। साथ ही सरकार की निगरानी भी जारी रहेगी।
नई नीति में फायर सेफ्टी ऑडिट के लिए उच्च मानक तय किए गए हैं। एम्पैनल्ड एजेंसियों के लिए कड़े पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं जिनमें बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (फायर) या समकक्ष योग्यता व न्यूनतम चार वर्षों का अनुभव अनिवार्य है। ये एजेंसियां अग्नि जोखिम, विद्युत सुरक्षा, स्प्रिंकलर-हाइड्रेंट सिस्टम, निष्क्रिय सुरक्षा उपायों और आपातकालीन तैयारी का व्यापक ऑडिट करेंगी। यह नीति 31 मार्च 2026 तक पूर्ण रूप से लागू की जाएगी।