हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने लोक अदालतों को जारी किए निर्देश
चंडीगढ़। बैंक में फंसी साइबर ठगी के अपने पैसे वापस पाने के लिए पीड़ितों को अब कचहरी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। ऐसे में उन्हें लोक अदालत से ही राशि मिलेगी। हरियाणा पुलिस ने कानूनी सेवा प्राधिकरणों (लीगल सर्विसेज अथॉरिटीज) के साथ मिलकर एक नई व्यवस्था लागू करवाई है।
यह व्यवस्था उन मामलों के लिए लागू की गई है जहां ठगी के तुरंत बाद शिकायत दर्ज कराकर ठगों के खाते में पैसा ब्लॉक (रुकवा) करवा दिया गया है लेकिन पुलिस की ओर से अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। इस साल अभी तक पुलिस ने तकरीबन 200 करोड़ रुपये ब्लॉक करवाए हैं।
हरियाणा पुलिस के महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा कि इस मानवीय पहलू को समझते हुए सरकार और न्यायपालिका के समक्ष यह सरल और प्रभावी मॉडल पेश किया गया। डीजीपी ने ठगी होने पर बिना किसी देरी के गोल्डन ऑवर में 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।
साल 2024 में हरियाणा पुलिस ने इस व्यवस्था को लागू कराने के लिए राज्य सरकार और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से अनुरोध किया था कि साइबर अपराधों से संबंधित पैसे जारी करने/डी-फ्रीज करने के आवेदनों को स्थायी लोक अदालतों की सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं (पब्लिक यूटिलिटी सर्विसेज) की सूची में शामिल किया जाए। सरकार के न्याय प्रशासन विभाग ने एक आधिकारिक अधिसूचना औपचारिक रूप से जारी कर दिया है।
इस तरह से राशि मिलेगी वापस
रिफंड की यह प्रक्रिया चार आसान चरणों में पूरी होगी। सबसे पहले पीड़ित को हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करके या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करानी होगी। इसके बाद विधिक सेवा प्राधिकरण में आवेदन के लिए पीड़ित अपने जिले की डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (डीएलएसए) में एक सरल फॉर्म भरकर रिफंड की मांग कर सकता है। इस चरण में पुलिस का अनुसंधान अधिकारी (आईओ) पीड़ित को आवश्यक दस्तावेज और बैंक रिपोर्ट तैयार करने में सहायता करेगा।
आवेदन की जांच के बाद लोक अदालत सुनवाई होगी जिसके तहत डीएलएसए आवेदन को लोक अदालत या स्थायी लोक अदालत में भेजेगी। लोक अदालत सभी पक्षों को सुनने के बाद एक सप्ताह में सुलह की कार्यवाही पूरी करेगी और रिफंड का आदेश पारित करेगी। अब अंत में रिफंड की प्रक्रिया होगी जहां अदालत का आदेश मिलते ही संबंधित बैंक ब्लॉक की गई राशि तुरंत पीड़ित के खाते में जारी कर देगा।
थाईलैंड में साइबर ठगी में फंसे भारतीयों की लगातार वापसी जारी है जिसमें हरियाणा के नागरिक भी हैं। विदेश में नौकरी स्वीकार करने से पहले किसी भी ऑफर, कंपनी और भर्ती एजेंट की पूरी तरह से जांच और सत्यापन अवश्य कर लें।