मुख्य सचिव ने कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव को दी जानकारी, पहले 19 आवश्यक दस्तावेज लगाने पड़ते थे
निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नौ प्रमुख सुधार, 13 पर चल रहा है काम
चंडीगढ़। हरियाणा में निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए राज्य सरकार ने विनियमन-मुक्ति (डीरेग्युलेशन) अभियान के तहत नौ प्रमुख सुधार किए गए हैं। 13 अन्य सुधारों को लागू करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने यह जानकारी कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव केके पाठक के साथ इन सुधारों पर प्रगति की समीक्षा बैठक के दौरान दी। बैठक में नगर एवं ग्राम आयोजना, श्रम, उद्योग एवं वाणिज्य व हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रस्तुतियां दीं।
बैठक के दौरान नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने प्रस्तुति देते हुए बताया कि भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) प्रक्रिया को सरल बनाते हुए आवश्यक दस्तावेजों की संख्या 19 से घटाकर केवल तीन कर दी गई है। अब सीएलयू के लिए स्वामित्व प्रमाण, परियोजना रिपोर्ट और क्षतिपूर्ति बांड की ही आवश्यकता होगी। साथ ही औसत स्वीकृति देने का समय अब घटकर 36 दिन रह गया है। ग्रामीण उद्योगों के लिए न्यूनतम सड़क चौड़ाई को घटाकर 20 फुट करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। मुख्य सचिव रस्तोगी ने बताया कि सरकार का लक्ष्य इस साल के अंत तक सभी 23 सुधारों को लागू करना है। इससे प्रदेश में उद्योग और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने बताया कि मिश्रित उपयोग (मिक्स्ड यूज) विकास की अनुमति देते हुए जोनिंग को अधिक लचीला बनाया है। इससे एक ही जोन में आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी। साथ ही, इंडिया इंडस्ट्रियल लैंड बैंक (आईआईएलबी) से एकीकृत जीआईएस आधारित औद्योगिक भूमि डेटाबैंक भी शुरू किया गया है। इससे निवेशकों को औद्योगिक प्लॉटों की पहचान और आवंटन में आसानी होगी। श्रम विभाग ने महिलाओं को फैक्टरियों और दुकानों समेत सभी क्षेत्रों में रात्रि पाली (शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक) में कार्य करने की अनुमति दी है।
प्रदूषण बोर्ड ने स्वीकृति अवधि घटाई
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कंसेंट टू एस्टेब्लिश (सीटीई) और कंसेंट टू ऑपरेट (सीटीओ) की स्वीकृति अवधि को 30 दिनों से घटाकर 21 दिन कर दिया है। ग्रीन कैटेगरी उद्योगों के लिए सीटीओ की स्वचालित नवीनीकरण प्रणाली अब 15 वर्ष तक के लिए लागू की गई है। इसके अलावा 734 गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों को व्हाइट कैटेगरी में दोबारा वर्गीकृत करते हुए नियमित निरीक्षणों में छूट दी गई है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने सभी प्रमुख सेवाओं को नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम से एकीकृत कर दिया है। हरियाणा ने जन विश्वास अधिनियम के अनुरूप अपना स्वयं का ढांचा लागू किया है। इसके अंतर्गत छोटे व्यावसायिक अपराधों को अपराध की श्रेणी से निकालकर सिविल दंड व्यवस्था में शामिल किया गया है। अनुमतियों और शिकायत निवारण के लिए ऑनलाइन डैशबोर्ड व कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित चैटबॉट भी शुरू किए गए हैं जिससे अनुमोदन प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी व तेज हुई है।