अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि बिजली डिफाल्टरों से बकाया राशि की रिकवरी के लिए जल्द ही विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाई जाएगी। इस दौरान संबंधित अधीक्षण अभियंताओं से रिपोर्ट ली जाएगी और रिकवरी के आधार पर अधिकारियों की रैंकिंग भी तय की जाएगी।
विज ने बताया कि प्रदेश में बिजली डिफाल्टरों पर करीब 7700 करोड़ रुपये की बकाया राशि है। जब यह तथ्य उनके संज्ञान में आया तो विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रत्येक जिले के लिए लक्ष्य तय किए गए थे। अब प्रगति की समीक्षा कर जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब लिया जाएगा।
प्रदेश के 22.21 लाख बिजली उपभोक्ता बिजली वितरण निगमों के 7695.62 करोड़ रुपये दबाकर बैठे हैं। इनमें सबसे अधिक घरेलू ग्रामीण उपभोक्ता, फिर औद्योगिक उपभोक्ता और तीसरे स्थान पर सरकारी विभाग आते हैं। प्रदेश के दोनों बिजली निगमों ने डिफॉल्टर उपभोक्ताओं की संख्या और बकाया राशि जारी की सूची जारी की है। इनमें दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के 4,864.80 करोड़ रुपये और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) के 2,830.82 करोड़ रुपये हैं।