सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं के लिए मुफ्त ओरल हेल्थ स्क्रीनिंग अनिवार्य
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। गर्भावस्था के दौरान अब सिर्फ मां और बच्चे के सामान्य स्वास्थ्य की ही नहीं बल्कि दांतों और मसूड़ों की भी नियमित जांच होगी। प्रदेश सरकार ने सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए मुफ्त ओरल हेल्थ (दांत और मुंह) स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्भावस्था में दांतों और मसूड़ों की अनदेखी समय से पहले प्रसव और कम वजन वाले बच्चे के जन्म जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह पहल शुरू की गई है।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि मुस्कान से मातृत्व तक नाम से शुरू किए गए इस अभियान के तहत प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) और ई-पीएमएसएमए दिवसों पर सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाली हर गर्भवती महिला की मुफ्त जांच की जाएगी। गर्भावस्था के दौरान दांतों और मसूड़ों की बीमारियों की पहचान कर उनका इलाज सुनिश्चित किया जाएगा ताकि मां व नवजात दोनों स्वस्थ रहें। स्वास्थ्य मंत्री ने सभी गर्भवती महिलाओं से अपील की कि वे हर महीने की 9, 10, 23 तारीख और महीने के अंतिम कार्य दिवस पर सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध इस मुफ्त सेवा का लाभ जरूर उठाएं। स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) हरियाणा के निदेशक डॉ. आरएस ढिल्लों ने बताया कि प्रसव पूर्व जांच में आने वाली सभी गर्भवती महिलाओं की प्रारंभिक ओरल हेल्थ स्क्रीनिंग प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी करेंगे।
इसलिए लिया गया निर्णय
स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव तेजी से होते हैं। इसके कारण मसूड़ों में सूजन, खून आना, दांतों में सड़न व अन्य संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। यदि इन समस्याओं का समय पर इलाज न हो तो गर्भावस्था पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है।