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Chandigarh-Haryana News: अब निदेशक नहीं डीसी की मंजूरी के बाद मिलेगी पंचायतों में 500 गज जमीन

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हरियाणा विकास एवं पंचायत विभाग निदेशालय ने स्वामित्व योजना में किए दो बड़े बदलाव
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ऑफलाइन के बजाय अब समाधान पोर्टल पर करना होगा ऑनलाइन आवेदन
अरुण शर्मा
चंडीगढ़। लंबे अरसे से पंचायतों की जमीन पर घर बनाकर रह रहे लोगों को भूमि का मालिकाना हक देने के लिए हरियाणा विकास एवं पंचायत विभाग ने नियमों में दो बड़े बदलाव किए हैं। पहला बदलाव यह है कि अब जमीन के लिए ऑफलाइन के बजाय केवल समाधान पोर्टल पर ही ऑनलाइन आवेदन होंगे। ऑनलाइन आवेदन के लिए पोर्टल खोल दिया है। दूसरे अब 500 गज तक की जमीन के स्वामित्व का हक (सेल डीड) के लिए विभाग के निदेशक के बजाय जिला उपायुक्तों (डीसी) को मंजूरी के अधिकार दिए गए हैं।
विकास एवं पंचायत विभाग निदेशालय ने सभी उपायुक्तों, जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारियों, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों के अलावा सभी पंचायतों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के अनुसार ग्राम पंचायतों की 500 गज तक की जमीन के मालिकाना हक के लिए अब निदेशक कार्यालय या अन्य अधिकारी के पास जाने की आवश्यकता नहीं होगी। अब सभी आवेदन ऑनलाइन होने के साथ ही अधिकारी मंजूरी भी ऑनलाइन माध्यम से ही देंगे। आवेदन करने वालों को प्रत्येक स्तर की प्रक्रिया पूरी होने के संदेश उनके मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से मिलेंगे। जो लोग आवेदन करेंगे उन्हें ग्राम सभा और ग्राम पंचायतों में प्रस्ताव पास कराना होगा। संबंधित प्रस्ताव की जांच और सत्यापन ग्राम सचिव करेंगे। इसके बाद खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) निरीक्षण करेंगे। यही ब्योरा उपायुक्त को भेजा जाएगा। उपायुक्त दस्तावेजों समेत पूरे ब्योरे के आधार पर संबंधित व्यक्ति को सेल डीड की मंजूरी देंगे। यदि कोई आवेदन निरस्त किया जाता है तो अधिकारियों को इसका ठोस कारण भी बताना होगा।
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आवेदन के लिए इन दस्तावेजों की होगी आवश्यकता
पंचायत की जमीन पर जो व्यक्ति 31 मार्च 2004 से 500 गज तक की जमीन पर घर बनाकर रह रहे हैं वही व्यक्ति 16 जनवरी 2027 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। सरकार की यह भी प्रमुख शर्त है कि पंचायतों में तालाब, रास्तों, जनता के लिए उपयोगी जमीन जैसे खेल मैदान आदि की जमीन पर कब्जा न हो। आवेदक को ग्राम सभा-ग्राम पंचायत में पास प्रस्ताव और जमाबंदी की भी कॉपी देनी होगी। संबंधित जमीन पर रिहायशी कब्जे के साक्ष्य के रूप में फोटो, सजरा भी लगाना होगा। 31 मार्च 2004 से पंचायत की संबंधित जमीन पर कब्जे के साक्ष्य भी देने होंगे।
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पंचायतों में शामलात जमीनों पर मालिकाना हक से संबंधित अधिकार निदेशालय के बजाय अब उपायुक्तों को दे दिए गए हैं। जमीन पर मालिकाना हक के लिए अब ऑनलाइन आवेदन ही होंगे। नए बदलावों का मकसद योजना का लाभ सरल, आसान व पारदर्शी तरीके से लोगों को दिलाना है।
- अनीश यादव, निदेशक, हरियाणा विकास एवं पंचायत विभाग
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