सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार की ओर से दी गई जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश सरकार ने आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए काम शुरू कर दिया है। शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में हर शैक्षिक संस्थान, अस्पताल, स्पोर्ट्स काॅम्प्लेक्स, बस स्टैंड, डिपो, रेलवे स्टेशनों से कुत्तों को हटाने के निर्देश दिए थे। इन आदेशों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों को इस कार्य के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने का फैसला लिया है। ये नोडल अधिकारी सिविल अस्पताल, पीएचसी व सीएचसी में नियुक्त किए जाएंगे। इन नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि अस्पतालों में कुत्तों के प्रवेश को रोका जाए। नोडल अधिकारी कुत्तों की निगरानी व उन्हें हटाने के प्रबंध करेंगे।
स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक ने इस संबंध में शुक्रवार को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक कर कई निर्देश दिए हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि सिविल अस्पतालों व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में किसी तरह की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने दवाइयों की कमी को तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने पोर्टल पर दवाओं का पूरा ब्योरा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान उन्होंने सिविल सर्जनों से यह भी कहा है कि उपमंडल स्तर पर भी पोस्टमार्टम होने चाहिए। जिन जिलों में यह सुविधा नहीं है उनका प्रपोजल जल्द से जल्द भेजें।