-जनहित याचिका के माध्यम से निर्माण न होने का उठाया गया है मुद्दा
-तीन मौकों के बावजूद हरियाणा सरकार ने नहीं सौंपा मुद्दे पर जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पानीपत सेक्टर 19 में डाॅ. भीम राव अंबेडकर छात्रावास के निर्माण के अधूरे कार्य को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर जवाब न देना हरियाणा सरकार को महंगा पड़ गया। जवाब का आखिरी मौका देते हुए हाईकोर्ट ने सरकार पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। याचिका दाखिल करते हुए रामाबाई जनकल्याण समिति ने हाईकोर्ट को बताया कि लंबे समय से छात्रावास की मांग के बाद इसके निर्माण का निर्णय लिया गया था। इस निर्णय के बाद सरकार की ओर से कोई कदम इस दिशा में आगे नहीं बढ़ाया गया। याची पक्ष की ओर से इस बारे में बहुत प्रयास किया गया लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। याची के बाद इसके बाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं बचा था। जुलाई में यह जनहित याचिका दाखिल की गई थी और सरकार को 28 जुलाई को इस बारे में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया गया था। तीन मौके देने के बावजूद बुधवार को सरकार की ओर से एक बार फिर से जवाब दाखिल करने के लिए मोहलत मांगी गई। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि यह बेहद अहम मुद्दा है और इसमें देरी नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने सरकार को जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका देते हुए 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।