जेंडर, फैमिली एंड कम्युनिटी स्टडीज विभाग के प्रमुख डॉ. अरुण कुमार पांडा ने महिला-केंद्रित शोध और विस्तार कार्यक्रमों की जानकारी दी। वहीं कृषि तकनीक फॉर विमेन विभाग के प्रमुख डॉ. सुकांत कुमार सारंगी ने महिलाओं के लिए विकसित तकनीकी हस्तक्षेप और संस्थान की वैज्ञानिक उपलब्धियों के बारे में बताया।
भुवनेश्वर स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-केंद्रीय महिला कृषि संस्थान (आईसीएआर-सीआईडब्ल्यूए) में चल रहे शोध और तकनीकी प्रयोगों को मीडिया के सामने रखा गया। 16 सितंबर को पीआईबी चंडीगढ़ की टीम ने संस्थान का दौरा कर महिला किसानों के लिए विकसित तकनीक, शोध कार्यक्रम और वैज्ञानिक सुविधाओं की जानकारी ली।
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दौरे का मुख्य फोकस यह समझना रहा कि कृषि में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए संस्थान किस तरह शोध और तकनीक विकसित कर रहा है। जेंडर, फैमिली एंड कम्युनिटी स्टडीज विभाग के प्रमुख डॉ. अरुण कुमार पांडा ने महिला-केंद्रित शोध और विस्तार कार्यक्रमों की जानकारी दी। वहीं कृषि तकनीक फॉर विमेन विभाग के प्रमुख डॉ. सुकांत कुमार सारंगी ने महिलाओं के लिए विकसित तकनीकी हस्तक्षेप और संस्थान की वैज्ञानिक उपलब्धियों के बारे में बताया।
खेत में महिलाओं का काम आसान बनाने पर शोध
वैज्ञानिकों के साथ बातचीत में कृषि कार्यों में महिलाओं की भागीदारी, उनकी जरूरतों के मुताबिक तकनीक विकसित करने और शोध को व्यावहारिक स्तर तक पहुंचाने पर चर्चा हुई। मीडिया टीम ने संस्थान की विभिन्न शोध एवं संस्थागत सुविधाओं का निरीक्षण भी किया।
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टीम ने ‘सशक्ति संग्रहालय’ का दौरा कर कृषि क्षेत्र में महिलाओं से जुड़े शोध और विकास कार्यों को देखा।
दौरे में पीआईबी चंडीगढ़ के निदेशक प्रीतम सिंह, पीआईबी भुवनेश्वर के सहायक निदेशक पार्थ सारथी मलिक और पत्रकार शामिल रहे। वैज्ञानिकों और पत्रकारों के बीच सवाल-जवाब के दौरान महिला सशक्तीकरण, कृषि तकनीक और शोध के जमीनी असर से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।