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Haryana: पानीपत में नया डिवीजन और दो सब-डिवीजन शुरू, बिजली उपभोक्ताओं को मिलेंगी बेहतर सेवाएं

Tue, 16 Jun 2026 08:56 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

नए डिवीजन और सब-डिवीजन फिलहाल मौजूदा एक्सईएन, एसडीओ और उपलब्ध स्टाफ के माध्यम से संचालित किए जाएंगे। इनका स्थापना व्यय ग्रुप हेड-75 कर्मचारी लागत मद के तहत वहन किया जाएगा।
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बिजली - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (यूएचबीवीएनएल) ने बिजली सेवाओं को अधिक प्रभावी और उपभोक्ता केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। निगम ने पानीपत सर्कल के तहत नवगठित ऑपरेशन (ओपी) डिवीजन सिटी वेस्ट, पानीपत तथा दो नए सब-डिवीजन—असंध रोड और जीटी रोड—को संचालनात्मक करने की मंजूरी दे दी है।
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यूएचबीवीएनएल प्रशासन शाखा द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, निगम ने पहले फील्ड कार्यालयों के पुनर्गठन के तहत 15 नए डिवीजन और 54 नए सब-डिवीजन बनाए थे। इनमें से अब तक 10 डिवीजन और 29 सब-डिवीजन कार्यरत किए जा चुके हैं। ताजा आदेश के तहत पानीपत में एक नया डिवीजन और दो नए सब-डिवीजन शुरू किए जा रहे हैं।

असंध रोड सब-डिवीजन को मॉडल टाउन सब-डिवीजन तथा जीटी रोड सब-डिवीजन को सोनाली रोड सब-डिवीजन के विभाजन के बाद बनाया गया है। इन कार्यालयों के शुरू होने से बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान, बिलिंग, रखरखाव और अन्य सेवाओं में तेजी आने की उम्मीद है।
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निगम ने स्पष्ट किया है कि नए डिवीजन और सब-डिवीजन फिलहाल मौजूदा एक्सईएन, एसडीओ और उपलब्ध स्टाफ के माध्यम से संचालित किए जाएंगे। इनका स्थापना व्यय ग्रुप हेड-75 कर्मचारी लागत मद के तहत वहन किया जाएगा।
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कोर्ट के स्टे वाले एएलएम और शिफ्ट अटेंडेंट को नहीं किया जाएगा रिलीव

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (यूएचबीवीएनएल) ने सहायक लाइनमैन (एएलएम) और शिफ्ट अटेंडेंट (एसए) कर्मचारियों से संबंधित मामलों में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में निगम के मानव संसाधन विभाग ने सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं, कार्यकारी अभियंताओं और संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा है।

जारी निर्देशों के अनुसार, जिन कर्मचारियों के मामले वर्तमान में हाईकोर्ट में विचाराधीन हैं और जिन्होंने अदालत से स्थगन आदेश (स्टे) प्राप्त किया है, उन्हें अगले आदेश तक उनके वर्तमान कार्यस्थल से रिलीव नहीं किया जाएगा। इसके अलावा जिन कर्मचारियों को पहले ही रिलीव किया जा चुका है, लेकिन वे अब कोर्ट के स्टे आदेश के दायरे में आते हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से वापस ड्यूटी पर लिया जाएगा।

निगम ने सभी अधिकारियों से यह भी कहा है कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में अब तक रिलीव किए गए कर्मचारियों की समेकित जानकारी तुरंत उपलब्ध कराएं। साथ ही कोर्ट से स्टे प्राप्त कर्मचारियों की अलग सूची भी भेजने के निर्देश दिए गए हैं। यूएचबीवीएनएल ने मामले को अत्यंत जरूरी बताते हुए अदालत के आदेशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि अवमानना जैसी स्थिति से बचा जा सके।
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