चंडीगढ़। हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने एक उपभोक्ता को समय पर बिजली बिल न मिलने के कारण बिजली विभाग के अधिकारियों को 5 हजार रुपये का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।
आयोग ने यह मुआवजा हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत अधिकतम निर्धारित सीमा के अनुसार लगाया है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम कैथल से संबंधित मामले में सुनवाई की। उपभोक्ता को मीटर लगने के बाद भी लगभग एक वर्ष तक बिजली बिल नहीं मिला। आयोग ने पाया कि न केवल शुरुआती स्तर पर कनेक्शन को गलत तरीके से रद्द किया गया।